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तेल से चावल तक होगा महंगा, ईरान के 'दोस्तों' पर ट्रंप टैरिफ का असर समझिए

ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को अमेरिका ने वापस बुलाया है। ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका ने 25 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया है।

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अयातुल्ला खामेनेई के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो। Photo Credit: PTI

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि जो भी देश, ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन्हें अमेरिका के साथ अपने सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ देना होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा है कि यह अंतरिम आदेश है और निर्णायक है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में मुद्रा संकट और आर्थिक मुश्किलों से शुरू हुए थे, लेकिन अब ये इस्लामी गणराज्य के खिलाफ बड़े विरोध में बदल गए हैं। लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के शासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। 

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि ईरान में अब तक लगभग 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है और सख्त कार्रवाई की है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि हवाई हमले सहित कई विकल्प पर ईरान विचार कर रहा है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता भी खुला है।

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डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका
अगर मेरे प्रशासन को पता चलता है कि इस्लामी गणराज्य की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का प्रयोग कर रही है तो हम सैन्य कार्रवाई करेंगे।  ईरान अब सीमाएं लांघ रहा है और इसी वजह से मुझे और मेरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को कठोर विकल्पों पर विचार करना पड़ रहा है।

ईरान पर लगे टैरिफ का किन देशों पर असर होगा?

अमेरिकी टैरिफ से चीन, भारत, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े व्यापारिक देशों को नुकसान होगा। ईरान के मडह साझेदार प्रभावित हो सकते हैं। भारत के लिए यह मुश्किल हो सकता है। भारत का ईरान के साथ व्यापार करीब 1.68 अरब डॉलर का है। पहले से ही रूसी तेल खरीदने पर भारत पर अमेरिकी टैरिफ लगे हुए हैं और अब यह और बढ़ सकता है।

भारत और ईरान के बीच व्यापार कैसा है?

द ऑब्जर्वेटरी ऑफ इकोनॉमिक कॉम्प्लेक्सिटी की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार लगभग 2.21 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था। भारत ने ईरान को 1.19 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया, जबकि ईरान से 1.02 बिलियन डॉलर का आयात किया गया था। भारत ईरान को बासमती चावल, सोयाबीन मील, केला, चाय और मसाले बेचता है। ईरान से भारत पेट्रोलियम, केमिकल, पेट्रोलियम गैस, पेट्रोलियम कोक, फल और अन्य रासायनिक उत्पाद खरीदता है। भारत का ईरान को निर्यात 56.1 मिलियन डॉलर और आयात 28.3 मिलियन डॉलर रहा। बीते साल की तुलना में एक्सपोर्ट में 29 फीसदी और इंपोर्ट में 20.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। पिछले 5 वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार सालाना औसतन 18.9 फीसदी की दर से घट रहा है। अब यह गिरावट और बढ़ सकती है।

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अब क्या हो सकता है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। भारत ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। भारत पहले से ही रूसी तेल खरीद के कारण अमेरिका पर 50 फीसदी टैरिफ झेल रहा है। इस नए 25 फीसदी टैरिफ से भारतीय निर्यात पर कुल 75 फीसदी तक टैरिफ लग सकता है। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान बेहद महंगे हो जाएंगे। टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट्स और खाद्य उत्पाद इतने महंगे हो जाएंगे कि लोगों की पहुंच से बाहर होने लगेंगे। ईरान से भारत का व्यापार मुश्किल हो सकता है।  

ईरान का हाल क्या है?

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 600 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान में महंगाई, आर्थिक संकट और इस्लामिक शासन के खिलाफ महिलाएं आंदोलन कर रहीं हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी दी कि ईरानी राष्ट्र अपनी ताकत दिखा चुका है और अमेरिका को धोखे बंद करने चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाब में ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया। 

 

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'ईरान से लौटो,' अपने नागरिकों को वापस बुला रहा अमेरिका

अमेरिका ने सोमवार रात अपने नागरिकों के लिए ईरान छोड़ने की तत्काल एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी दी कि देशभर में खामेनेई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जो हिंसक हो सकते हैं। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट, सड़कें बंद, सार्वजनिक परिवहन ठप और फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं। कई एयरलाइंस ने 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित कर दी हैं।

 

अमेरिका ने सलाह दी है कि नागरिक सड़क से आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते निकलें और अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न रहें। उन्होंने दोहरी नागरिकता वालों को भी आगाह किया है। ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और अमेरिकी पासपोर्ट दिखाने पर गिरफ्तारी हो सकती है।


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