logo

ट्रेंडिंग:

'इजरायल और ईरान होंगे दोस्त लेकिन'... अब नेतन्याहू ने कौन सी भविष्यवाणी की?

ईरान अब इजरायल पर हमले की तैयारी में है। ईरान की धमकी के बाद पूरे इजरायल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, 14 दिन बाद भी ईरान में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।

Iran anti-regime protests

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन जारी। ( Photo Credit: Social Media)

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन में अब तक 466 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच अमेरिका और इजरायल ने संभावित हमले पर चर्चा की। वहीं कुछ संगठनों का मानना है कि मृतकों की वास्तविक संख्या से काफी अधिक है। इजरायल और अमेरिका में बैठकों का दौर जारी है। रविवार की शाम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने मंत्रियों और शीर्ष सलाहकारों के बीच अहम बैठक की। पूरे ईरान में इंटरनेट, फोन सेवा और कुछ इलाकों में बिजली बंद है।  

 

दूसरी तरफ ईरान की धमकी के बाद इजरायल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान इजरायल और उसके ठिकानों पर हमला करके जवाब देगा। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही दखल देने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि अमेरिकी किसी भी वक्त सैन्य दखल दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ईरान में गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की जुगत में है।

 

यह भी पढ़ें: 'इजरायल और अमेरिका को बख्शेंगे नहीं,' ईरान की धमकी, मिडिल ईस्ट में तबाही तय है?

ईरान और इजरायल दोस्त होंगे: नेतन्याहू

कैबिनेट बैठक में बेंजामिन ने कहा कि एक बार ईरान में सत्ता गिरने के बाद इजरायल और तेहरान साझेदार होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इरान जल्द ही अत्याचार से मुक्त हो जाएगा। नेतन्याहू ने कहा, 'हम ईरान के वीर और साहसी नागरिकों को शक्ति प्रदान कर रहे हैं। सत्ता ढहने के बाद हम दोनों देशों के हित में मिलकर काम करेंगे। हम सभी आशा करते हैं कि फारसी राष्ट्र जल्द ही अत्याचार से मुक्त हो जाएगा। जब वह दिन आएगा तो इजरायल और ईरान एक बार फिर समृद्धि और शांति के भविष्य के निर्माण में निष्ठावान साझेदार बनेंगे।'

दंगों के पीछे अमेरिका और इजरायल: ईरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश में अशांति के पीछे अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका के आदेश पर अस्थिरता पैदा की जा रही है। पेजेश्कियन ने दावा किया, '12 दिनों के युद्ध के बाद से अमेरिका और इजरायल दंगों को भड़काकर ईरान में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। 

 

यह भी पढ़ें: '1000 से ज्यादा सुसाइड बॉम्बर तैयार', मसूद अजहर का धमकी वाला ऑडियो वायरल

3200 से अधिक लोग गिरफ्तार

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों और दंगों में अंतर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले महंगाई के कारण विरोध प्रदर्शन होना समझने लायक है। मगर बाद में संगठित रूप से एक विनाशकारी धारा ने इसे कैप्चर कर लिया। इसका लोगों की आर्थिक मांगों से कोई संबंध नहीं है। अमेरिका में स्थित समाचार एजेंसी हराना के मुताबिक 28 दिसंबर से ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन में अब तक 466 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 3,280 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap