ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने एलान किया है कि अगर अमेरिका, देश पर हमला करता है तो उनकी फौज अमेरिकी सेना और इजराइल पर हमला करेगी। मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने खुलकर कर कहा है कि अगर हमला हुआ तो इजरायल और अमेरिकी सेना दोनों को मुहंतोड़ जवाब दिया जाएगा। उनके भाषण के दौरान ईरान की संसद में अमेरिका मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे हैं।
ईरान में इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे हैं। ईरान के प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई युग का अंत हो और ईरान को लोकतांत्रिक या राजशाही की सरकार मिले। कुछ लोग ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी की वापसी चाहते हैं। उनके पिता ईरान के आखिरी शाह थे। अब वह ईरान में संपूर्ण क्रांति की मांग कर रहे हैं।
ईरान में आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी स्तर पर इस्लामिक शासन के खिलाफ सबसे बड़े आंदोलन में बदल चुके हैं। दिसंबर से शुरू इन विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं। तेहरान, रश्त, तबरीज, शिराज और केरमान जैसे शहर शामिल हैं।
ईरान में एक बड़ा तबका रजा पहलवी की वापसी चाहता है। Photo Credit: PTI
2000 गिरफ्तार, 100 से ज्यादा मौतें, क्या चाह रहा ईरान?
प्रदर्शनकारियों ने पुरानी राजशाही के समर्थन में नारे लगाए और जमकर आतिशबाजी की। ईरान में अब तक 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, 2000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईरानी सेना ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि वह राष्ट्रीय हितों, रणनीतिक ढांचे और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी रहेगी।
ईरान की सेना ने इजरायल और दुश्मन संगठनों को आतंकी संगठन करार दिया है। सेना का कहना है कि अमेरिका, वैश्विक हस्तक्षेप और लोगों को बहलाकर देश की सार्वजनिक सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने भी साल 1979 की क्रांति की उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि देश बेहद सुरक्षित है।
अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन। Photo Credit: PTI
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या कर रही है सरकार?
ईरान ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए 100 से ज्यादा लोगों पर गोलियां चलाई हैं। ईरान में इंटरनेट ठप पड़ा है, हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल ने चेतावनी दी कि विरोध में शामिल लोगों को 'ईश्वर का दुश्मन' मानकर मौत की सजा दी जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि वाशिंगटन उनकी मदद के लिए तैयार है, जबकि सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को अमेरिका और इजरायल के इशारों पर नाचने वाला बताया है।
ईरान में महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। Photo Credit: PTI
इजरायल क्यों डर गया है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप:- ईरान आजादी की ओर देख रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
डोनाल्ड ट्रंप ने आगाह किया है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रखेगा तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। इजरायल इस स्थिति पर बहुत पहले से सतर्क है। इजरायल ने अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप की तैयारी में हाई अलर्ट जारी किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को फोन पर बात की, जिसमें ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना पर चर्चा हुई।
इजरायल और ईरान के बीच पहले से तनाव है, इसलिए बेंजामिन नेतन्याहू किसी भी बड़े बदलाव के लिए तैयार है। यह विरोध ईरान में कई सालों में सबसे बड़ा आंदोलन बन चुका है, जो सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। दुनिया भर में नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि आगे क्या होता है।