अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनातनी का माहौल है। राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
का दावा है कि होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण है। जवाब में ईरान ने कहा कि होर्मुज तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका उसकी मांगों को मान नहीं लेता और अपना व्यवहार नहीं बदलता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मुझे ईरान पर यकीन नहीं है। मैं ईरान पर भरोसा करने वाला आखिरी शख्स हूं। उन्होंने मुझसे लगातार झूठ बोला है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर इस वक्त हमारा पूर्ण नियंत्रण है। उनका नियंत्रण नहीं है।'
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ईरान 50 वर्षों से दादागीरी करता रहा: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा, 'इस समय हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं। हमारे पास एक ऐसा देश है, जो 50 वर्षों से मध्य पूर्व में दादागीरी करता रहा है। अब वह मध्य पूर्व में दादागिरी करने वाला देश नहीं रहा।'
ईरान ने बताया- कब खुलेगा होर्मुज
डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरान से कड़ी प्रतिक्रिया आई। अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नव नियुक्त मुखिया का एक बयान जारी किया। इसमें रेजाई ने कहा, 'जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और ईरान की शर्तों को नहीं मानता है तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा।' रेजाई ने यह बात चीन के राजदूत कोंग पेइवू से मुलाकात के दौरान कही।
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ईरान के बाद हूती भी आक्रामक
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समुद्री यातायात प्रभावित है। ईरान पर अमेरिका ने दबाव बनाया। सैन्य हमलों से भी झुकाने की कोशिश की, लेकिन यह रणनीति काम नहीं आई। दूसरी तरफ यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब में सऊदी अरब की नाकेबंदी कर दी है।
जवाब में सऊदी अरब ने 14 देशों का एक नौसैनिक गठबंधन बनाया है। हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को मिस्र के स्वामित्व वाले एक जहाज पर हमला किया। हमले में छह लोगों की जान गई। 10 अन्य लोग घायल है। हूती विद्रोहियों का आरोप है कि यह जहाज सऊदी अरब के सैन्य उपकरण ले जा रहा था। हमले के बाद लाल सागर क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।