अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान के खिलाफ होने वाली हर कार्रवाई पर इतने भ्रम में हैं कि वह तय नहीं कर पा रहे है कि क्या करें, क्या न करें। उन्होंने पहले ईरान को तबाह करने की धमकी दी, फिर शांतिवार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस्लामाबाद भेजा, अब फिर वह अपनी बात से पलट रहे हैं। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सहमति तो नहीं बनी, तकरार और बढ़ गई। जिस होर्मुज स्ट्रेट को ट्रंप, दुनिया के लिए खुलवाना चाहते थे, अब वह खुद होर्मुज को ब्लॉक करना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह एलान किया है कि अमेरिकी नौसेना तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आने-जाने वाली सभी जहाजों को ब्लॉक करना शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुलने नहीं देंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह जहाजों से भारी टोल वसूल रहा है, जो दुनिया के लिए जबरन वसूली जैसा है।
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होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अमेरिका रोकेगा
डोाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना उन जहाजों को भी रोक लेगी जो ईरान को टोल चुकाकर गुजर रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। यहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है। ईरान ने युद्ध के दौरान इस स्ट्रेट को लगभग बंद कर रखा था।
ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे ट्रंप
ईरान, अब भी वह कुछ टैंकरों को टोल लेकर गुजरने दे रहा है, लेकिन पूरी तरह खुला नहीं रखा है। ईरान, जहाजों से टैक्स ले रहा है, जिससे अमेरिका और इजरायल से हुई जंग में हुए नुकसानों की भरपाई कर सके।
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सिर्फ अपना तेल, दुनिया में बेच रहा ईरान
ईरान अपने तेल को दुनियाभर में बेच रहा है। हर दिन औसतन 18.5 लाख बैरल तेल निर्यात कर रहा है। इससे ईरान को अपनी सरकार और सैन्य कार्रवाइयों के लिए पैसा मिल रहा है। डोनाल्ड ट्रंप पहले से ही कह रहे थे कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना शर्त खोलना चाहिए लेकिन अब उन्होंने खुद इसे ब्लॉक करने की धमकी दी है।
क्यों ट्रंप, अब बंद करना चाहते हैं होर्मुज?
अमेरिका का मकसद, ईरान की कमाई बंद करनी है। वह चाहते हैं कि ईरान मजबूर होकर अमेरिका की सारी शर्तें मान ले, ऐसा होने वाला नहीं है। ईरान ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। जेडी वेंस के साथ हुई बैठक में ईरान ने साफ कहा कि अमेरिकी शर्तें, ज्यादा हैं, जिन्हें माना ही नहीं जा सकता है। ईरान परमाणु कार्यक्रम भी जारी रखेगा, बैलिस्टिक मिसाइलें भी बनाएगा।
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अगर अमेरिका ने जहाजों को रोका तो क्या होगा?
विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका ने भी जहाजों को रोकना शुरू किया तो दुनिया भर में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। अमेरिका पहले ही ईरान पर तेल निर्यात के प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन कुछ समय के लिए छूट भी दी थी ताकि तेल की कीमतें नियंत्रण में रहें।
पाकिस्तान में हुई बैठक का क्या नतीजा निकला?
अभी अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। परमाणु मुद्दे पर बात नहीं बनी। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम उठाया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि आखिरकार स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल ईरान को दबाव बनाने के लिए इसे बंद करना जरूरी है।
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क्यों मनमानी कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि इससे ईरान की आर्थिक मदद रुक सकती है और युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। दुनिया भर के देश, अब नई आशंका से जूझ रहे हैं। ईरान के बंद करने पर ऐसी किल्लत से लोग जूझ रहे हैं, अगर अमेरिका ने भी बंद किया तो भयावह हालात होंगे।