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'कब्जा कर लो, मदद आ रही है', ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों को उकसाया

ईरान में प्रदर्शनकारियों को ट्रंप ने अपनी पोस्ट के जरिए भड़काने की कोशिश की है। हालांकि, रूस ने इसकी आलोचना की है।

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डोनाल्ड ट्रंप । Photo Credit: PTI

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ईरान में पिछले तीन हफ्तों से लगातार बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुश्किलों के खिलाफ शुरू हुए थे लेकिन अब ये देश की सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गए हैं।

 

यहां की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं। वे सरकार से बदलाव की मांग कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने इन विरोधों को रोकने के लिए बहुत सख्त कार्रवाई की है। कई जगहों पर गोलीबारी हुई और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। इससे बाहर की दुनिया को सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है।

 

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विदेशी ताकत को बताई वजह

एक ईरानी अधिकारी के मुताबिक अब तक लगभग 2,000 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल के जवान दोनों शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये हिंसा ‘आतंकवादियों’ और विदेशी ताकतों की वजह से हो रही है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा हमले किए हैं।

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन विरोध प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा मैसेज लिखा। ट्रंप ने ईरान के लोगों से कहा, 'ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो! अपने संस्थानों पर कब्जा करो!!! हत्यारों और जुल्म करने वालों के नाम नोट करो। वे बहुत बड़ी कीमत चुकाएंगे। मदद आ रही है।'

ट्रंप ने किया पोस्ट

ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सारी मीटिंगें रद्द कर दी हैं। उन्होंने लिखा, 'जब तक बेकसूर प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद नहीं होती, तब तक ईरान के किसी भी अधिकारी से कोई बैठक नहीं होगी।'

 

ट्रंप का यह बयान बहुत तेजी से सुर्खियों में आ गया है। इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिससे तनाव और बढ़ गया था।

रूस ने की आलोचना

दूसरी तरफ, रूस ने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये 'ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप' है। रूस ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस अशांति का बहाना बनाकर दोबारा सैन्य कार्रवाई करता है, तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। इससे पूरे इलाके में अस्थिरता बढ़ सकती है।

 

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ईरान की सरकार 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सत्ता में है। वह कहती है कि आर्थिक समस्याओं पर विरोध जायज है, लेकिन हिंसा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभी यह विरोध कितने दिनों तक चलेगा इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।


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