ग्रीनलैंड मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख पलटते दिख रहा है। ट्रंप ने बताया कि नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बैठक में ग्रीनलैंड समझौते का ढांचा तैयार कर लिया गया है। अगर समझौता होता है तो नाटो के सदस्य देशों पर टैरिफ नहीं लगाएंगे। बकौल ट्रंप उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ चल रही बातचीत का हिस्सा होंगे और ट्रंप को अपनी रिपोर्ट देंगे। ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'ग्रीनलैंड से जुड़े गोल्डन डोम के बारे में अतिरिक्त चर्चाएं चल रही हैं। बातचीत आगे बढ़ने पर और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।'
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर और बॉन्ड बाजार में मची भारी अफरा-तफरी के चलते ट्रंप को अपना रख बदलना पड़ा है। वहीं जब नाटो महासचिव से पूछा गया कि क्या ट्रंप ग्रीनलैंड पर अपने कब्जे से पीछे हट गए हैं तो उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के साथ आज रात हुई मेरी बातचीत में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। हमने मुख्य तौर पर इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि आर्कटिक के उस विशाल क्षेत्र की रक्षा के लिए हमें क्या करना चाहिए, जहां इस समय बदलाव हो रहे हैं, जहां चीनी और रूसी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। यही हमारी चर्चा का मुख्य बिंदु था।'
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दूसरी तरफ डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने व्यापार युद्ध रोकने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'दिन की शुरुआत की तुलना में इसका अंत बेहतर तरीके से हो रहा है। हम इस बात का स्वागत करते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड को बलपूर्वक अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया है और व्यापार युद्ध रोक दिया है। अब आइए बैठकर यह पता लगाएं कि हम सीमा रेखाओं का सम्मान करते हुए आर्कटिक में अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान कैसे कर सकते हैं।'
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ग्रीनलैंड समझौते में क्या-क्या है
- न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नाटो सदस्य देशों के सैन्य अधिकारियों ने एक समझौते पर चर्चा की है। इसके तहत डेनमार्क सैन्य अड्डे बनाने के लिए ग्रीनलैंड के एक छोटे से हिस्से में अमेरिका को संप्रभुता प्रदान करेगा।
- सीएनएन के सवाल पर दावोस में ट्रंप ने कहा, ग्रीनलैंड पर उनके द्वारा घोषित भविष्य के समझौते का ढांचा अंतिम दीर्घकालिक समझौता है। मुझे लगता है कि इससे सभी को बहुत अच्छी स्थिति मिलेगी। खासकर सुरक्षा, खनिज और अन्य सभी मामले में। उन्होंने बताया कि यह समझौता अनंत काल तक चलेगा।
- सीएनबीसी को दिए अपने इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि ग्रीनलैंड पर उनका पल प्रयोग करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रीनलैंड समझौते पर गोल्डन डोम और खनिज अधिकार भी शामिल हैं।
- समझौते के मुताबिक अमेरिका अब ग्रीनलैंड पर गोल्डम डोम स्थापित करेगा, ताकि रूस या अन्य देश से हमला होने की स्थिति में मिसाइलों को अमेरिका पहुंचने से पहले ही गिरा दिया जाए।
- उधर, नाटो के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका, ग्रीनलैंड और डेनमार्क के बीच बातचीत इस मुद्दे पर चल रही है कि कैसे चीन और रूस रणनीतिक रूप से अमेरिका के करीब इस द्वीप में आर्थिक या सैन्य प्रभाव न बढ़ा पाएं।