पिछले कुछ दिनों से एपस्टीन फाइल्स की खूब चर्चा है। इंटरनेट की दुनिया में यह टॉप कीवर्ड बन चुका है। 30 जनवरी तक अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़ी 30 लाख से अधिक दस्तावेजों को सार्वजनिक किया। इसमें 2,000 से ज्यादा वीडियो और 1.80 लाख से अधिक तस्वीरें हैं। फाइल्स के सार्वजनिक होने के बाद दुनियाभर की कई हस्तियां विवादों में आ गईं। कुछ पीड़ितों ने अदालत में केस दर्ज किया। इसमें जेफरी एपस्टीन के दो सलाहकारों पर दर्जनों महिलाओं और किशोरियों ने यौन तस्करी में सहायता करने व उकसाने का आरोप लगाया था।
अब इस मामले में जेफरी एपस्टीन के परिवार ने दर्जनों पीड़ितों को 35 मिलियन डॉलर तक का भुगतान करने की बात कही है। भारतीय रुपये में यह रकम करीब 318.4 करोड़ रुपये बनती है। मुकदमे में पीड़ितों ने आरोप लगाया कि एक जनवरी 1995 से 10 अगस्त 2019 तक जेफरी एपस्टीन ने उनका यौन शोषण और तस्करी की। यह मुकदमा 2024 में दर्ज किया गया गया था।
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समझौते में कौन सी शर्त
महिला पीड़ितों का केस लड़ने वाली बोइस शिलर फ्लेक्सनर फर्म ने मैनहट्टन संघीय अदालत में समझौते की घोषणा की। फर्म ने बताया कि 40 पीड़ितों ने एपस्टीन एस्टेट से कोई समझौता नहीं किया था। समझौते की शर्त के मुताबिक अगर 40 या उससे अधिक महिलाएं मुआवजे की पात्र होंगी तो उन्हें एपस्टीन एस्टेट से 35 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जाएगा। अगर संख्या 40 से कम होगी तो 25 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जाएगा।
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तो खत्म हो जाएगा मुकदमा
अगर इस समझौते को जज से मंजूरी मिल जाती है तो जेफरी एपस्टीन के पूर्व निजी वकील डैरेन इंडीके और पूर्व लेखाकार रिचर्ड कान के विरुद्ध दर्ज मुकदमा खत्म हो जाएगा। जेफरी एपस्टीन के सहयोगी डैरेन इंडीके और रिचर्ड कान पर कानूनी और व्यावसायिक सेवाओं के माध्यम से एपस्टीन की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है। हालांकि उन पर यौन शोषण में शामिल होने का आरोप नहीं है। दोनों ने एपस्टीन के साथ संबंधों की बात तो स्वीकार की है, लेकिन किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है।
बता दें कि एपस्टीन एस्टेट पहले भी पीड़िताओं के साथ समझौता कर चुका है। तब उसने 121 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था। 49 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया था।