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टैरिफ वॉर में नया मोड़, EU भी अमेरिका पर नहीं लगाएगा काउंटर टैरिफ

दुनिया में टैरिफ वॉर एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की घोषणा के बाद यूरोपियन यूनियन ने भी काउंटर टैरिफ पर रोक लगाने का ऐलान किया है।

Ursula von der leyen । Photo Credit: PTI

उर्सुला वॉन डे लेयेन । Photo Credit: PTI

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अमेरिका द्वारा शुरु किया गया टैरिफ वॉर एक नए मोड़ पर आ गया है। गुरुवार को ट्रंप ने चीन को छोड़कर बाकी सारे देशों के साथ टैरिफ को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया। गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि वह 90 दिनों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ पर रोक लगा देंगे। इसके बाद यूरोपियन यूनियन ने भी फैसला लेते हुए कहा कि वह फिर फिलहाल ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा और उसने भी इस पर 90 दिनों के लिए रोक लगाने की घोषणा की। यूरोपियन यूनियन की प्रमुख वॉन डेर लेयेन ने गुरुवार को इस बाद की जानकारी दी।

 

ट्रंप द्वारा स्टील और एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के जवाब में अगले मंगलवार से यूरोपियन यूनियन ने लगभग 21 बिलियन यूरो (USD 23.25 बिलियन) के अमेरिकी आयात पर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया था। यह अभी भी इस बात पर विचार कर रहा है कि अमेरिकी कार टैरिफ और 10 प्रतिशत लेवी का जवाब कैसे दिया जाए।

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 ‘बातचीत होने की संभावना बने’

वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर कहा, 'हम चाहते हैं कि निगोसिशन के लिए एक मौका मिले। यूरोपीय संघ के फैसले को 90 दिनों के लिए रोक दिया गया है।'

 

बुधवार को ट्रंप द्वारा टैरिफ पर रोक लगाने के फैसले की वजह से दुनिया के बाजारों में और अन्य कई देशों में राहत की सांस देखी गई। हालांकि, ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार युद्ध को और तेज कर दिया।

 

ट्रंप द्वारा टैरिफ लागू करने की घोषणा किए जाने के बाद से ही दुनिया के शेयर मार्केट में लगातार गिरावट देखी गई थी और काफी अस्थिरता का माहौल था।

 

इस खबर के बाद अमेरिकी शेयर सूचकांक में तेजी आई और गुरुवार को एशियाई और यूरोपीय व्यापार में भी राहत जारी रही।

 

शेयर बाजार में आई थी गिरावट

ट्रंप के यू-टर्न से पहले, इस उथल-पुथल ने शेयर बाजारों से खरबों डॉलर का नुकसान किया था और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में अप्रत्याशित उछाल देखा गया था।

 

इस बीच, चीन ने कहा कि वह टैरिफ वॉर में झुकेगा नहीं।

 

ट्रंप ने बुधवार को लागू हुए चीनी आयातों पर टैरिफ को 104 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े निर्यातक चीन पर दबाव बनाए रखा।

 

उन्होंने वैश्विक शिपिंग उद्योग पर चीन की पकड़ को कम करने और अमेरिकी जहाज निर्माण को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए।

 

यह भी पढ़ें-- दूसरे देशों में टैरिफ लगाकर अमेरिका को 'Great' बनाएंगे ट्रंप? समझिए

 

चीन से ट्रेड वॉर

वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे योंगकियान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यदि अमेरिका अपने तरीके पर अड़ा रहता है तो चीन 'अंत तक इस पर कायम रहेगा'। मंत्रालय ने कहा कि चीन के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं, लेकिन यह आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए।

 

टैरिफ के जरिए अमेरिकी व्यापार असंतुलन को ठीक करने का दावा करने वाले ट्रंप ने कहा कि इस पर चीन के साथ समाधान निकाला जा सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि वे अन्य देशों के साथ बातचीत को प्राथमिकता देंगे क्योंकि वियतनाम, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देश सौदेबाजी करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

चीन का युआन वैश्विक वित्तीय संकट के बाद गुरुवार को डॉलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।


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