ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका के साथ तनातनी के बीच यूरोप अब भारत के करीब आने लगा है। जल्द ही भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत के साथ यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के कगार पर है। अभी अंतिम रूप देने का काम बाकी है।
दावोस में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'अभी बहुत काम बाकी है। मगर हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की कगार पर हैं। कुछ लोग इसे अब तक का सबसे बड़ा समझौता कहते हैं। यह समझौता दो अरब लोगों का बाजार बनाएगा। यह वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा।'
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दुनिया को प्राथमिकता देता है यूरोप
उन्होंने आगे कहा, 'सबसे अहम बात यह है कि इससे यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील महाद्वीपों में से एक के साथ व्यापार करने का पहला लाभ मिलेगा। यूरोप आज के विकास केंद्रों और इस सदी की आर्थिक महाशक्तियों के साथ व्यापार करना चाहता है। लैटिन अमेरिका से हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे भी आगे तक, यूरोप हमेशा दुनिया को प्राथमिकता देगा और दुनिया यूरोप को चुनने को तैयार है।' वॉन डेर लेयेन ने कहा कि अगले सप्ताहांत मैं भारत की यात्रा पर जाऊंगी।
यूरोप ने निष्पक्ष व्यापार को चुना
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया। यह बाजार वैश्विक जीडीपी का 20 फीसद से ज्यादा है। इसमें 31 देश के 7 करोड़ उपभोक्ता हैं। यह समझौता दुनिया को एक सशक्त संदेश देता है कि हम टैरिफ के बजाय निष्पक्ष व्यापार को चुन रहे हैं। अलगाव के बजाय साझेदारी और शोषण के बजाय स्थिरता को चुन रहे हैं।
यूरोपीय यूनियन लैटिन अमेरिका के बाद पिछले साल मेक्सिको, इंडोनेशिया और स्विट्जरलैंड के साथ ट्रेड डील कर चुका है। ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस, थाईलैंड, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात के साथ बातचीत चल रही है।
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अमेरिकी टैरिफ के बाद मची उथल-पुथल
बता दें कि भारत ने हाल ही में ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड डील किया है। यूरोपीय यूनियन के साथ होने वाली यह डील न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि बेहद बड़ी भी है। अमेरिकी टैरिफ के बाद दुनियाभर के देश भारत से अपने रिश्ते मजबूत करने में जुटे हैं। भारत भी अमेरिका के विकल्प के तौर पर नए बाजार तलाश रहा है। भारत और अमेरिका के बीच भी ट्रेड डील की बात चल रही है। मगर अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। उधर, ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर 10 फीसद टैरिफ लगाया है। वहीं सहमत नहीं होने पर जून से इसे बढ़ाने की धमकी भी दी है।
कब होगी मदर ऑफ ऑल डील्स?
पिछले हफ्ते वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय यूनियन के बीच संभावित ट्रेड डील को मदर ऑफ ऑल डील्स कहा था। गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे। इसी दिन ट्रेड डील साइन होने की उम्मीद है।