अमेरिका से भारत में अपराध का नेक्सस चलाने वाले दो गैंगस्टरों पर शिकंजा कसा है। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई करके लास वेगास से दो कुख्यात मोस्ट वांटेड गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरी सफलता के पीछे हरियाणा STF के इनपुट्स और केंद्रीय एजेंसियों की अहम भूमिका रही है। अब इन दोनों अपराधियों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जांच में सामने आया कि दोनों ही अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे। हिमांशु भाऊ ने जहां हिमांशु सिगरोहा के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। वहीं नीरज फरीदपुरिया ने नीरज कौशिक बनकर अमेरिका में पनाह ली थी।
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नीरज का आपराधिक रिकॉर्ड
नीरज फरीदपुरिया पर रंगदारी, अवैध वसूली, मारपीट और संगठित अपराध के दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। उसका नाम कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी आया था। इसके चलते नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) उसके ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है। नीरज को साल 2012 के एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2015 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, साल 2019 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह देश छोड़कर विदेश भाग गया था।
नीरज का ही नाम एल्विश यादव के घर हुई फायरिंग मामले में सामने आया था। नीरज पिछले साल यानी 2025 में ही पुर्तगाल छोड़कर अमेरिका शिफ्ट हुआ था। अमेरिका की इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और उसकी ERO डिवीजन ने इस पर यह सख्त कार्रवाई की है।
हिमांशु भाऊ की इतिहास
हिमांशु भाऊ मूल रूप से भारत से फरार होने के बाद अमेरिका के लास वेगास में छिपकर बैठा था। वहीं से देश में अपना रंगदारी रैकेट चला रहा था। वह हांसी में जिम मालिक कपिल की हत्या समेत कई सनसनीखेज मामलों में लंबे समय से पुलिस की ‘हिट लिस्ट’ में था। हरियाणा STF अब अमेरिकी प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के लगातार संपर्क में है ताकि उसे जल्द से जल्द भारत लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
हरियाणा STF का बड़ा एक्शन
विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ हरियाणा STF का यह अभियान लगातार चल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2026 में अब तक कुल 12 अपराधियों को डिपोर्ट करके भारत लाया जा चुका है। साल 2019 से लेकर अब तक कुल 25 अपराधी विदेश से वापस लाए जा चुके हैं। साथ ही वर्तमान में 14 गैंगस्टर विदेशों में हिरासत में हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अब तक 51 रेड कार्नर नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही 138 लुक आउट सर्कुलर खोले गए हैं। 52 इंटरपोल रेफरेंस और 76 पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, साल 2026 में एजेंसी ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए कुल 445 अपराधियों, जिनमें 232 गैंगस्टर और 48 इनामी बदमाश शामिल हैं, को जेल पहुंचाया है। इसके अलावा 5 गैंगस्टर को एनकाउंटर में ढेर किया जा चुका है।