नेपाल के परसा जिले के बीरगंज इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़की है। भारत की सीमा से सटे इस इलाके में नए हंगामे की वजह एक सोशल मीडिया पोस्ट है। टिकटॉक पर एक भड़काऊ पोस्ट की वजह से बीरगंज में दो समुदाय आपस में उलझ गए और दंगे की स्थिति आ गई है। कमला नगर निगम इलाके की एक मस्जिद से हंगामा बरपा और पड़ोसी धनुषा तक इसकी जद में आ गया। बीरगंज और धनुषा दोनों इलाके भारतीय सीमा से सटे हैं। सांप्रदायिक झड़प के बाद जिले में कर्फ्यू लगाया गया है। सोमवार को भड़की हिंसा, अब तक जारी है।
परसा के मजिस्ट्रेट भोला दहल ने कहा है कि पुलिस शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए गश्त कर रही है। दोनों समुदायों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिशें चालू हैं। इलाके में कर्फ्यू लागू है। जिले में रैली या जनसभा करने पर रोक है। पुलिस पूरे जिले में तैनात है।
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बीरगंज में क्या पाबंदी लगाई गई है?
बीरगंज प्रशासन ने आदेश दिया है कि राज्य में शाम 6 बजे तक किसी भी तरह की गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। कर्फ्यू बस पार्क, नगवा, इनारवा, सिरसिया, गंडक चौक और शंकराचार्य गेट इलाके में लागू है। इन इलाकों में किसी भी जलसे, गतिविधि, धार्मिक जुलूस पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने कहा है कि अगर बेहद जरूरी हो तभी बाहर निकलें, पहले सुरक्षा बलों के साथ संपर्क करें या 100 नंबर पर फोन करें।
कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। फायर बिग्रेड की गाड़ियां, हेल्थ वर्कर, मीडिया और टूरिस्ट गाड़ियों पर रोक नहीं लगेगी। डिप्लेमेटिक मिशन भी अपना काम जारी रख सकते हैं। उन यात्रियों को जाने की इजाजत होगी, जिन्हें हवाई यात्रा करनी है।
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बीरगंज में हिंसा कैसे भड़की?
नेपाल में हिंसक झड़प की शुरुआत रविवार को हुई। टिकटॉक पर एक पोस्ट ने जिले में हिंसा भड़काई और हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। शुरुआत में दो युवकों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। हैदर अंसारी और अमानत अंसारी ने टिकटॉक पर एक वीडियो जनकपुर में अपलोड किया था। यह वीडियो किसी समुदाय को भड़काने के मकसद से अपलोड किया गया था।
लोग इस पर नाराज हुए और दोनों को लेकर पुलिस के पास पहुंच गए। सांप्रदायिक तनाव यहीं नहीं खत्म हुआ। लोग गलियों में उतरे और तोड़फोड़ मचानी शुरू कर दी। टायर जलाए गए, नारे लगाए गए। धनुषा और परसा इलाके में भी हिंसा भड़की। प्रशासन ने पूरे इलाके में कर्फ्यू लगाया है।
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अब आगे क्या?
जिन आरोपियों की वजह से हिंसा भड़की है, वे पुलिस की गिरफ्त में हैं लेकिन आम जनता ने जमकर तोड़ फोड़ मचाई है। मस्जिद में तोड़फोड़ हुई है। अल्पसंख्यक इलाकों की तरफ से भी पुलिस और प्रशासन पर पथराव की खबरें सामने आईं हैं। प्रशासनिक अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।