ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद कर दिया है। उसने अमेरिका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप है। शुक्रवार को ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला था। हालांकि अमेरिका ने ऐलान किया कि वह ईरान की नाकाबंदी खत्म नहीं करेगा। इसके तुरंत बाद तेहरान ने दोबारा होर्मुज पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अपने एक बयान में कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण अब अपनी पिछली स्थिति में लौट आया है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि नौसैनिक नाकाबंदी तब तक पूरी तरह से लागू रहेगी, जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता 100 फीसद पूरा नहीं हो जाता।
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ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी लगी रहने तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से यातायात बाधित रहेगा।
दूसरे देशों को आदेश नहीं दे सकता अमेरिका
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि ईरान अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी या यूएस से मिलने वाले किसी भी अन्य आदेश को कभी स्वीकार नहीं करेगा। भविष्य में कभी भी कोई नाकेबंदी नहीं होगी। उपनिवेशवाद का दौर अब खत्म होना चाहिए। अमेरिका दूसरे देशों को आदेश नहीं दे सकता।
दूसरे दौर की वार्ता को तैयार नहीं ईरान
उन्होंने आगे कहा कि जब तक हम रूपरेखा पर सहमत नहीं हो जाते तब तक हम अगली बैठक की तारीख तय नहीं कर सकते। ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने भी सूत्रों के हवाले से यही खबर दी। उसने बताया कि तेहरान अभी तक वाशिंगटन के साथ दूसरे दौर की वार्ता पर सहमत नहीं है।
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हमला हुआ तो आखिरी दम तक लड़ेंगे
सईद खतीबजाहेद ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप बहुत ज्यादा बोलते हैं। जब उनसे पूछा गया कि ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो अमेरिका दोबारा बम गिराना शुरू कर देगा। जवाब में सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बहुत बोलते हैं। उन्होंने आगे कहा कि युद्ध से कोई हल नहीं निकलेगा। हम आखिरी सैनिक के गिरने तक लड़ेंगे।