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कहीं आग, कहीं गोलियां, कहीं खून के निशान, ईरान में ऐसा क्या हुआ कि सुलग उठा देश?

ईरान में दुकानें बंद हैं, छात्र सड़कों पर हैं, स्कूलो में ताले लगे हैं। बाजारों को बंद किया जा रहा है। आखिर वहां ऐसा हुआ क्या है, गुस्से में क्यों लोग हैं, पूरी कहानी।

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ईरान में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी। Photo Credit: Social Media

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ईरान में बढ़ती महंगाई की वजह से लोग बेहद नाराज हैं। 5 दिनों से ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान के अजना में प्रदर्शन के दौरान अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है, वहीं कुल 9 लोग अब तक मारे जा चुके हैं। प्रदर्शकारियों ने सेंट्रल पुलिस स्टेशन के ठीक सामने आग लगा दी, जिसकी तस्वीरें सामने आईं हैं। पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले के बाद एक झड़प हुई, जिसमें 3 लोग मारे गए, 17 से ज्यादा लोग घायल हैं। 

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बचने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया, प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर फायरिंग की। पुलिस की गोलियों में कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। कई लोगों को चोटें आईं हैं। ईरान के प्रशासन के खिलाफ आम लोगो का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बेतहाशा महंगाई को सरकार नियंत्रित ही नहीं कर पा रही है। 

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क्यों शुरू हुआ है ईरान में विरोध प्रदर्शन?

ईरान में महंगाई चरम पर है। लाइफस्टाइल इतनी महंगी हो गई है कि आम आदमी परेशान है। ईरान में रियाल की कीमत, डॉलर के मुकाबले लुढकती जा रही है। 1 डॉलर की कीमत, 42000 ईरानी रियाल हो गई है। ईरान सरकार के खिलाफ इन प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ गई है। गुरुवार को लोरिस्तान प्रांत के अजना शहर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में तीन लोग मारे गए और 17 घायल हो गए। 

चौहरमल और बख्तियारी प्रांत के लॉर्डेगन शहर में दो लोगों की मौत हुई। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों, मस्जिद और बैंक पर पत्थर फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हमले में कुछ इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जवान भी मारे गए हैं।

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ईरान से जुड़ी कई तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं, आग की लपटें दिख रही हैं, बंदूकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। दिसंबर के आखिरी दिनों में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में आम जनता गु्स्से में है। दुकानदारों ने ईरानी मुद्रा की घटती कीमतों के गिरने और महंगाई बढ़ने को लेकर विरोध शुरू किया था, जो अब आंदोलन बन गया है।

 

 

ईरान की अर्थव्यवस्था डिरेल क्यों हुई है?

ईरान की मुद्रा रियाल इस साल डॉलर के मुकाबले आधी रह गई है। ईरान में महंगाई 40 फीसदी से ज्यादा हो गई है। पश्चिमी देशों की पाबंदियां ईरान में लागू हैं। बीते साल जून में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए। ईरान को तगड़ा नुकसान हुआ। अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

 

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने प्रदर्शनकारियों की शिकायतों को जायज बताया है। उन्होंने कहा है कि सरकार लोगों की आजीविका सुधारने के लिए काम कर रही है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील कीहै। सरकार ने व्यापारियों और यूनियनों से बातचीत करने का वादा किया है, लेकिन चेतावनी भी दी है कि अगर प्रदर्शन अराजकता फैलाएंगे तो सख्त कार्रवाई होगी। 

 

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ईरान 2022 से ही अशांत क्यों है ईरान?

ईरान में 2022 से ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। साल 2022-2023 में महसा अमीनी की मौत के बाद ऐसे प्रदर्शन हुए थे। इस बार भी कई विश्वविद्यालयों के छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं। ईरान में उग्र हिंसक विरोध प्रदर्शन लोगों को अपनी जद में ले रहा है।

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