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'नहीं खोलेंगे होर्मुज', इस्लामाबाद समझौते पर बोला ईरान, अब क्या करेंगे ट्रंप?

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह दबाव के आगे झुकेगा नहीं। अस्थायी युद्धविराम के बदले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलेगा। उसने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्लान को भी बेमतलब बताया है।

Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo Credit: Social Media)

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड की धमकी के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलने का बात कही है। एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक का समय दिया था और कहा था कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला तो उसके पुलों और पावर प्लांटों पर हमला किया जाएगा। इस बीच ईरान को युद्धविराम का एक नया प्रस्ताव मिला है। इसके बाद एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि अस्थायी युद्धविराम के बदले ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलेगा।  

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान तक एक युद्ध विराम प्लान भेजा गया है। उम्मीद जताई गई की यह प्लान आज से लागू हो जाएगा। बदले में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलेगा। पाकिस्तान ने रविवार की शाम ही तेहरान को नया प्लान सौंप दिया है। इसमें दो चरणों का उल्लेख है। पहले चरण में तुरंत युद्धविराम लागू किया जाएगा। 

 

दूसरे चरण में व्यापक समझौता किया जाएगा। सूत्रों के आधार पर बताया गया कि समझौते के तहत ईरान अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकेगा। बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध और विदेशी संपत्तियों पर लगी रोक को हटाया जाएगा। 

 

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करवाने में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। यही वजह है कि इसे 'इस्लामाबाद समझौता' नाम दिया गया है। प्लान के तहत सबकुछ ठीक रहा तो 45 दिनों का युद्ध विराम होगा। दूसरे चरण में व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 15 से 20 दिनों का समय दिया जाएगा। प्लान के मुताबिक आखिरी बातचीत अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच इस्लामाबाद में होगी।

खत्म होने वाली ट्रंप की समय सीमा

एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ गहन वार्ता कर रहा है। इससे सफलता मिलने की अच्छी संभावना है। फिर भी अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं तो मैं वहां सब कुछ उड़ा दूंगा। बता दें कि ट्रंप ने ईरान को 10 दिन की मोहलत दी थी। छह अप्रैल को यह समय सीमा खत्म हो रही थी। रविवार को उन्होंने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक की और छूट दी है। इसके बाद होर्मुज को नहीं खोलने पर ईरान में तबाही मचाने की धमकी दी।  

 

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15 सूत्रीय प्लान अजीब और बेमतलब

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्लान को बेमतलब और बहुत बड़ा बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव में झुकेगा नहीं। हमने अपनी मांगों को फाइनल कर लिया है। सही समय पर उन्हें बताया जाएगा। कुछ दिन पहले उन्होंने मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव रखे थे। पाकिस्तान और अन्य दोस्त मुल्कों के माध्यम से 15 सूत्रीय प्लान दिखाया गया। ऐसे प्रस्ताव बहुत बड़े, अजीब और बेमतलब हैं। 


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