अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। ईरानी मीडिया ने भी दावा किया है कि खामेनेई की बेटी, पोता, दामाद और बहू की मौत हो गई है। हालांकि, खामेनेई की खुद की मौत की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली का दावा है कि आयतुल्ला अली खामेनेई भी मारे गए हैं, लेकिन ईरान की तरफ से इसे नकारा गया है और कहा गया है कि वह सुरक्षित हैं। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर महीनों की योजना के बाद किए हमला किया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा है?
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई की मौत हो गई है। वह हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाया। इजरायल के साथ मिलकर काम करते हुए, वह या उसके साथ मारे गए दूसरे नेता कुछ भी नहीं कर सके। ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस लेने का यह सबसे बड़ा मौका है। हम सुन रहे हैं कि उनके कई IRGC, मिलिट्री और दूसरी सिक्योरिटी और पुलिस फोर्स अब लड़ना नहीं चाहते और हमसे इम्युनिटी चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'जैसा कि मैंने कल रात कहा था, अभी उन्हें इम्यूनिटी मिल सकती है, बाद में उन्हें सिर्फ मौत मिलेगी। उम्मीद है कि IRGC और पुलिस शांति से ईरानी देशभक्त के साथ मिल जाएंगे और देश को उस महानता पर वापस लाने के लिए एक यूनिट के तौर पर मिलकर काम करेंगे जिसका वह हकदार है। यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जानी चाहिए क्योंकि न सिर्फ खामेनेई की मौत हुई है बल्कि देश सिर्फ एक दिन में पूरी तरह बर्बाद हो गया है। यहां तक कि पूरी तरह खत्म हो गया है।
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डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
सटीक बमबारी पूरे हफ्ते बिना रुके जारी रहेगी या जब तक मिडिल ईस्ट और असल में पूरी दुनिया में शांति के हमारे मकसद को पाने के लिए जरूरी होगा।
ईरान को कितना नुकसान पहुंचा?
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांड सेंटर, हवाई रक्षा सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स, और सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। पहला हमला खामेनेई के दफ्तर के पास हुआ था।
आयतुल्ला खामेनेई कौन हैं?
आयतुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। वह 86 साल के थे। अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को मशहद में हुआ था। वह इस्लामिक रिवॉल्यूशन में शामिल हुए और 1981 में राष्ट्रपति बने थे, फिर 1989 में सर्वोच्च नेता बने। खामेनेई की मौत के बाद ईरान, बड़ी तबाही मचा सकता है।
जवाब में ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' शुरू किया है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अब एडवांस्ड मिसाइलों से अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
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ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस ने क्या कहा?
पूर्व ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ईरानियों से एकजुट होने और आजाद भविष्य के लिए तैयार होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नए उत्तराधिकारी चुनने की कोशिश नाकाम रहेगी और कमजोर रिजीम ज्यादा दिन नहीं टिकेगी।