अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया है। दोनों देशों की संयुक्त सेना, अलग-अलग मोर्चे से ईरान पर हमला कर रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान की समुद्री ताकत को खत्म कर देंगे, सरकार हटा देंगे फिर ईरान की जनता को नई सरकार चुनने का अधिकार देंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि जो ईरानी सैनिक सरेंडर करेंगे, उन्हें बख्श दिया जाएगा, जो नहीं करेंगे, उन्हें खत्म हो जाना होगा।
ईरान ने जवाब में कहा है कि शुरू इजरायल ने किया है, खत्म ईरान करेगा। इजरायल और अमेरिका, अपनी ओर से किए गए हमलों को आत्मरक्षा में किया गया हमला बता रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान, परमाणु हथियारों को विकसित कर रहा था, जिससे अमेरिका और ईरान, दोनों का खतरा था। ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
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ईरान ने क्या कहा है?
ईरान केइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका दोनों को करारा जवाब देगा। ईरानी सेना ने जवाबी हमला करना शुरू कर दिया है। हूती, हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों को ईरान सक्रिय कर रहा है। हमले के बाद तेहरान में कोहराम मचा है। सेंट्रल तेहरान में कई जगह हमले हुए हैं। हूती ने लाल सागर में अमेरिका पर हमले की धमकी दी है।
ईरान ने 5 देशों पर बोला हमला?
कतर, UAE, बहरीन, ईरान और कुवैत पर एक साथ ईरान ने हमला बोल दिया है।
ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं
ईरान ने 70 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं। इजरायल ने पहले अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
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ईरान के कई ठिकानों पर हमला
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है। शनिवार को तेहरान और ईरान के कई इलाकों में बड़े धमाके हुए, धुआं उठता दिखा। इजरायल ने इसे सुरक्षात्मक हमला करार दिया है। अमेरिका ने कहा है कि ईरान जैसे देश को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
अमेरिका ने क्या कहा है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़े युद्ध अभियान शुरू कर दिए हैं। उनका मकसद ईरान के मिसाइल, नौसेना और परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। वह ईरान की सरकार भी बदलना चाहते हैं।
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पहले दी थी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ हफ्ते पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान परमाणु समझौते पर नहीं माना तो बहुत बुरा होगा। उन्होंने कहा था कि सिर्फ 10-15 दिन का समय है। बातचीत ओमान के जरिए चल रही थी, लेकिन सफल नहीं हुई।
ईरान के सुप्रीम लीडर को बनाया गया निशाना
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास भी टारगेट किए गए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है और अपना हवाई क्षेत्रों को बंद कर दिया है। इजरायल ने भी अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। ईरान में हाई अलर्ट है।
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कितनी पुरानी है अमेरिका और ईरान की दुश्मनी?
साल 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ही अमेरिका और ईरान दुश्मन हैं। 2002 में अमेरिका ने ईरान को 'एक्सिस ऑफ इविल' कहा था। साल 2018 में ईरान ने परमाणु डील से हाथ पीछे खींच लिए थे। साल 2020 में जनरल सुलेमानी को अमेरिका ने मार दिया था। साल 2025 में भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले हुए थे। अब एक बार फिर झड़प शुरू हो गई है।