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इजरायल-अमेरिका बरसा रहे मिसाइल, कहां छिपे हैं खामेनेई?

इजरायल के हमलों और ट्रंप की चेतावनी के बाद, सुरक्षा के लिए ईरानी नेता खामेनेई को तेहरान से हटाकर एक गुप्त अंडरग्राउंड बंकर में छिपा दिया गया है।

Ayatollah Ali Khamenei, Photo Credit: Reuters

अयातुल्ला अली खामेनेई, Photo Credit: Reuters

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इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत में ईरान के सबसे करीबी साथी और हिज्बुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह को एक बड़े हवाई हमले में मार गिराया, तो ईरान की सरकार में हड़कंप मच गया। इजरायल की इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने अपने सबसे बड़े नेता अली खामेनेई को उनके दफ्तर से हटाकर एक बेहद सुरक्षित और गुप्त अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि इजरायल के किसी भी अचानक मिसाइल या ड्रोन हमले से उनके सबसे बड़े नेता की जान बचाई जा सके।

 

इजरायल ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के कई बड़े कमांडरों और साथियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया है। नसरल्लाह के मौत के बाद ईरान को यह डर सताने लगा कि इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' अब सीधे उनके सबसे नेता खामेनेई तक पहुंच सकती है। अपनी साख बचाने और किसी भी बड़े जानलेवा हमले से बचने के लिए खामेनेई को लोगों की नजरों से दूर एक ऐसी गुप्त जगह ले जाया गया है। जिसकी जानकारी सिर्फ कुछ खास अफसरों को ही है। 

 

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गुप्त जगह की सुरक्षा कैसी है?

Reuters और NDTV की खबरों के अनुसार, खामेनेई को तेहरान के पास जमीन के काफी नीचे बने एक बहुत मजबूत बंकर में रखा गया है। यह बंकर इतना ठोस है कि इस पर बड़े बमों का भी कोई असर नहीं होता। वहां की सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए मोबाइल फोन, इंटरनेट और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इजरायल किसी भी सिग्नल के जरिए उनकी सही लोकेशन का पता न लगा सके और उन पर हमला न हो पाए।

इस लड़ाई पर अमेरिका और इजरायल ने क्या कहा?

अमेरिका इस पूरी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और अमेरिकी खुफिया विभाग के अनुसार, ईरान ने अपने सभी बड़े सैन्य अधिकारियों को भी पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा है। दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खाली चेतावनी दी है कि वे अपने दुश्मनों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेंगे।

 

अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड  ट्रंप ने ईरान को अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर समझौता करने के लिए 10 से 15 दिनों का आखिरी समय दिया था। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा था कि अगर ईरान डील नहीं करता है, तो उसके साथ 'बहुत बुरी चीजें' होंगी। ट्रंप की इसी डेडलाइन और इजरायल की आक्रामक तैयारी ने इस हमले की जमीन पहले ही तैयार कर दी थी। 

 

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अब आगे क्या होने की उम्मीद है?

फिलहाल खामेनेई उसी सुरक्षित बंकर के अंदर से ही ईरान की सरकार और उनकी खास सेना IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स) को जरूरी निर्देश दे रहे हैं। ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं। जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। 


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