इजरायल की अरब पार्टियां अगली सरकार के गठन में एक किंगमेकर बन सकती हैं। अरब पार्टियों ने मंगलवार को हुए चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है, देश की 2 प्रमुख अरब पार्टियां संसद में करीब 18 से 19 सीटें जीत सकती हैं। इजरायल के न्यूज चैनल 'चैनल 12' के एक एग्जिट पोल में 120 सदस्यीय इजरायल संसद में नेतन्याहू के गठबंधन को 50, नेतन्याहू विरोधी यहूदी पार्टियों को 52, अरब पार्टियों को 18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में 2 प्रमुख अरब पार्टियों जॉइंट लिस्ट और राम पार्टी को करीब 18 से 19 सीटें मिलने का अनुमान है। यह इजरायल की संसद में उनके मौजूदा प्रतिनिधित्व के मुकाबले लगभग दोगुना है। ऐसे में अब अरब पार्टियां सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। 120 सदस्यीय इजरायल संसद में बहुमत का आंकड़ा 61 है।
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इजरायल की संसद में अरब पार्टियों का दबदबा
इजरायल में अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली 2 प्रमुख पार्टियां हैं, इनमें पहली पार्टी है यूसुफ जबरीन के नेतृत्व वाला जॉइंट लिस्ट गठबंधन और दूसरी पार्टी है मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली राम पार्टी (Ra’am)। एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि इन दोनों पार्टियों को 18 से 19 सीटें मिल सकती हैं। इनमें से जॉइंट लिस्ट को लगभग 12 सीटें मिलने का अनुमान है।
जॉइंट लिस्ट के नेता यूसुफ जबरीन का कहना है कि उनकी पार्टी इन सीटों का इस्तेमाल बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को सत्ता से हटाने और इजरायल की राजनीतिक स्थिति में बदलाव लाने के लिए करना चाहती है। उन्होंने साफ किया है कि उनकी पार्टी आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल नहीं हो सकती। इसकी वजह गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान और दक्षिणी लेबनान पर कब्जे को लेकर आइजनकोट के रुख का समर्थन करना है।
आइजनकोट के राजनीतिक गठबंधन को बाहर से समर्थन देने की संभावना उन्होंने खुली रखी है। यूसुफ जबरीन का कहना है कि उनकी पार्टी की मांगों में अरब समुदाय के हितों की रक्षा करना, उसके अधिकारों को आगे बढ़ाना और समानता को बढ़ावा देना शामिल है।
मंसूर अब्बास की पार्टी राम का रुख क्या है?
दूसरी प्रमुख अरब पार्टी राम के नेता मंसूर अब्बास का कहना है कि उनकी पार्टी आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो सकती है। वोटिंग खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में अब्बास ने कहा कि उनका मानना है कि मुश्किलों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आइजनकोट के गठबंधन को वोट देने वाले ज्यादातर वोट राम पार्टी को सरकार में देखना चाहते हैं।
उन्होंने अपनी पार्टी को गठबंधन की राजनीति में अधिक स्वीकार्य बनाने की कोशिश की है। अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में उन्होंने एक पूर्व यहूदी पुलिस अधिकारी को भी शामिल किया है।