लगातार दूसरे चुनाव में बोल्सोनारो को हार मिली है। ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला डा सिल्वा की जीत के बाद इस बार फ्लावियो बोल्सोनारो ने देश छोड़ दिया है। इससे पहले 2022 में उनके पिता जायर बोल्सोनारो ने लूला डा सिल्वा से हारने के बाद देश छोड़ दिया था। इस बार देश छोड़ने के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो ने खुद को ब्राजीत का असली निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित कर दिया। कुछ देर बाद ही उन्होंने पहली चिट्ठी डिलीट कर दी और दूसरी चिट्ठी जारी की जिसमें खुद को 'असली नेता' बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
ने हाल ही में फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को अमेरिका का वीजा देने का एलान किया था। इससे पहले, ब्राजील की अदालत ने उन्हें अपना डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जमा कराने को कहा था।
फ्लावियो बोल्सोनारो अपनी पत्नी और बेटियों के साथ देश छोड़ने के बाद बुधवार को अमेरिका के मियामी पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के हाथों चुनाव में हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने चुनाव में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अमेरिका से ही ब्राजील के विपक्ष की अगुवाई करेंगे। उन्होंने अमेरिका तक पहुंचने में मदद के लिए अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया है।
बोल्सोनारो की चिट्ठी में क्या है?
देश छोड़कर भागने के आरोपों पर बोल्सोनारो ने कहा है, 'मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं। मैंने ब्राजील के हित के लिए देश छोड़ा है।' उनका कहना है कि अगर वह ब्राजील में रहते तो अपने राजनीतिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पाते। उनका यह भी तर्क है कि पहले और दूसरे राउंड के बीच लूला डा सिल्वा को 1 करोड़ वोट ज्यादा मिल गए जो कि असंभव है।
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उन्होंने वोटिंग का समय बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट पर बोल्सोनारो ने आरोप लगाए हैं कि राजनीतिक दबाव में अदालत में उनके और उनके पिता जायर बोल्सोनारो के किलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है।
ब्राजील से अमेरिका कैसे पहुंचे बोल्सोनारो?
अर्जेंटीना के अधिकारियों और उड़ान संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 45 वर्षीय बोल्सोनारो मंगलवार को अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ पहले अर्जेंटीना गए और फिर इक्वाडोर पहुंचे। इसके बाद वह मियामी पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी फ्लावियो बोल्सोनारो ने मई में व्हाइट हाउस का दौरा किया था। ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह उन्हें और उनके परिवार को अमेरिकी वीजा देने की मंजूरी दी थी।
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बता दें कि फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो भी 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हारने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे। हालांकि, वह तीन महीने बाद ब्राजील लौट आए थे। फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट की जांच के दायरे में हैं। उन पर भ्रष्टाचार, मनी लान्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप हैं। अदालत ने उन्हें मंगलवार दोपहर तक अपना सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने आदेश का पालन किया या नहीं। उनके सहयोगियों ने मंगलवार देर रात कहा कि उनके पास इटली का पासपोर्ट भी है।