अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की संपत्ति से दर्जनों महिला पीड़ितों को 35 मिलियन डॉलर की धनराशि दी जाएगी। यह कोई पहली बार नहीं है, जब जेफरी की संपत्ति से पीड़िताओं को मुआवजा दिया गया है। इससे पहले भी 121 मिलियन डॉलर और 49 मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्ति पीड़िताओं को दी जा चुकी है। 2019 में मौत के समय एपस्टीन की कुल संपत्ति 600 मिलियन डॉलर थी। मगर आज भी यह रहस्य बना है कि एपस्टीन ने इतनी अकूत दौलत कहां से बनाई?
यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन 90 के दशक में अमेरिका के मैनहट्टन में एक नदी के किनारे दो बेडरूम वाले घर पर रहता था। मगर आने वाले दो दशकों में वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों का करीबी बन गया। उसने नेताओ, शाही परिवारों, दिग्गज हस्तियों और अरबपतियों के साथ अपनी दोस्ती का इस्तेमाल प्रभाव को बढ़ाने में किया।
यह भी पढ़ें: ईरान में अब सड़कों पर उतरे छात्र, कई यूनिवर्सिटी में हिंसक प्रदर्शन
घिसलेन के आने से बदली एपस्टीन की जिंदगी
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जेफरी एपस्टीन की जिदंगी तब बदली जब उसकी मुलाकात घिसलेन मैक्सवेल से हुई। घिसलेन मैक्सवेल उसकी प्रेमिका और यौन अपराधों में सहयोगी रही। 2021 में उसे बाल यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई। मैक्सवेल लंदन की रहने वाली है। मगर बाद में एपस्टीन के साथ अमेरिका में रहने लगी। इसके बाद दोनों 68वीं स्ट्रीट पर एक टाउनहाउस में रहने लगे। कुछ ही समय में 71वीं स्ट्रीट पर 28,000 वर्ग फुट का एक आलीशान बंगला भी खरीदा।
कहां से आई अकूत दौलत?
कुछ रिपोर्ट में एपस्टीन की अकूत दौलत के पीछे विक्टोरियाज सीक्रेट के संस्थापक लेस वेक्सनर और जॉनसन एंड जॉनसन की उत्तराधिकारी एलिजाबेथ लिबेट जॉनसन को माना जाता है। एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत पीटर मैंडेलसन ने एपस्टीन के लिए 1 अरब डॉलर के बैंकिंग सौदे का मार्ग तैयार किया था। जेफरी एपस्टीन खुद को एक अनुभवी फाइनेंसर और व्यवसायी के अलावा उद्यमी बताता था। उसने 1999 से 2018 से वेक्सनर और ब्लैक से कम से कम 490 मिलियन डॉलर फीस जुटाई थी।
वसीयत में किसको दी गई संपत्ति?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक जेफरी ने अपनी वसीयत में प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल लिए 10 मिलियन डॉलर की रकम आवंटित की। एपस्टीन ने अपनी वसीयत में भाई मार्क एपस्टीन और अपने पायलट लैरी विसोस्की को भी 10 मिलियन डॉलर की रकम देने की बात कही। इसके अलावा एक अन्य प्रेमिका कैरीना शुलियाक के नाम पर 50 मिलियन डॉलर की वसीयत की। इसके अलावा पेरिस स्थित अपार्टमेंट, पाम बीच की प्रॉपर्टी और मैनहट्टन का टाउनहाउस भी दिया। वसीयत के मुताबिक न्यू मैक्सिको वाला जोरो रैंच, लिटिल सेंट जेम्स द्वीप की प्रॉपर्टी के अलावा 33 कैरेट हीरो की अंगूठी भी शुलियाक को वसीयत में दी गई।
यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान पर पानी फेरने वाली कंपनी की कहानी क्या है?
कहां-कहां थी एपस्टीन की संपत्तियां?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक जेफरी एपस्टीन के पास न्यूयॉर्क, पाम बीच और फ्रांस की राजधानी पेरिस में आलीशान आवास हैं। उसके पास दो प्राइवेट कैरेबियन द्वीप के अलावा 380 मिलियन डॉलर की नकदी और निवेश राशि थी। वह एक हेलीकॉप्टर और दो जेट विमानों का मालिक भी था। हालांकि उसकी संपत्तियों का प्रबंधन विवाद अभी अदालत में लंबित है। एपस्टीन ने ट्रस्ट और कंपनियों का एक जटिल जाल बना रखा था, ताकि अकूत दौलत को सुरक्षित रखा जा सके। उसकी कुछ संपत्तियों को बेचा जा चुका है और अब भी कई संपत्तियां उसके नाम पर मौजूद हैं।
मैनहैटन टाउनहाउस: यह आवास न्यूयॉर्क शहर में अपर ईस्ट साइड में स्थित है। 2021 में इस सात मंजिला आलीशान आवास को 51 मिलियन डॉलर में बेचा गया। इससे जुटाई गई धनराशि को बतौर मुआवजा पीड़ित महिलाओं को दिया गया।
जोरो रैंच: साल 1993 में जेफरी एपस्टीन में न्यू मैक्सिको में जोरो रैंच को खरीदा था। यह करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में फैला है। यहां आलीशान आवास के अलावा हवाई पट्टी भी है। हालांकि तीन साल पहले यानी 2023 में इसे भी बेच दिया गया।
पाम बीच एस्टेट: अमेरिका के फ्लोरिडा में यह इलाका समुद्र तट पर स्थित है। 1990 में एपस्टीन ने यहां आलीशान घर खरीदा। यहीं पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फेमस मार-ए-लागो रिसॉर्ट है। एपस्टीन के घर को 2021 में ढहा दिया गया। जमीन की बिक्री से मिली रकम को पीड़िताओं में बांट दिया गया।
आइलैंड का मालिक: फ्रांस की राजधानी पेरिस में एपस्टीन के नाम पर एक लग्जरी अपार्टमेंट था। हालांकि 2022 में इसे 10 मिलियन यूरो में बेचा जा चुका है। यूएस वर्जिन आइलैंड्स में लिटिल सेंट जेम्स और ग्रेट सेंट जेम्स नाम के दो आइलैंड का मलिकाना हक भी एपस्टीन के पास था। यौन अपराध में दोषी ठहराए जाने के बाद 2023 में इन्हें 60 मिलियन डॉलर में बेच दिया गया। 30 मिलियन डॉलर की रकम क्षतिपूर्ति के तौर पर यूएस वर्जिन आइलैंड सरकार को दी गई।