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पाकिस्तान में जहां फैली हिंसा, वहीं क्रैश हुआ Mi 17 हेलीकॉप्टर; कई सैनिक मरे

हिंसा की आग में सुलग रहे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में सेना का एक हेलीकॉप्टर बुधवार को क्रैश हो गया। पाकिस्तान सेना का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते उड़ान भरते वक्त यह हादसा हुआ है।

Mi-17 Crash

सांकेतिक फोटो। (AI-generated image)

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में असीम मुनीर की सेना के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर आ रही है। पीओजेके की राजधानी मुजफ्फराबाद के नजदीक पाकिस्तान सेना एक एमआई- 17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। पाकिस्तान सेना ने अपने एक बयान में दावा किया है कि हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने के दौरान हादसे का शिकार हुआ है। 

 

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) यानी पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ने अपने एक बयान में बताया कि हेलीकॉप्टर पर सवार कोई भी कर्मचारी जीवित नहीं बचा है। पाकिस्तान की सेना ने एक जांच कमेटी का गठन किया है, ताकि हादसे के पीछे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके। उधर, राहत एवं बचाव दल को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया है।

 

अगस्त 2025: खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मंद जिले में एक सरकारी हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। दो पायलट और चालक दल के तीन सदस्यों की जान गई थी। हादसे की वजह खराब मौसम माना गया।

 

सितंबर 2025: गिलगित-बालिस्तान के दियामेर जिले के हुदोर गांव के पास एमआई 17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो चुका है। हादसे में पांच जवानों की जान गई। यह हादसा भी तकनीकी खराबी के कारण हुआ था। 

 

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रूस में बना है एमआई 17 हेलीकॉप्टर

बता दें कि एमआई 17 एक रूसी हेलीकॉप्टर है। इसका इस्तेमाल परिवहन में किया जाता है। भारतीय सेना के पास भी एमआई 17 हेलीकॉप्टर हैं। हेलीकॉप्टर 250 किमी की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसमें दो इंजन होते है। अगर इसकी क्षमता की बात करें तो हेलीकॉप्टर एक साथ 30 सैनिक और चार हजार किलो का भार उठा सकता है। 

पीओजेके में भारी विरोध प्रदर्शन

बता दें कि इन दिनों पीओजेके में भारी विरोध प्रदर्शन का दौर चल रहा है। पाकिस्तान सेना, पुलिस और रेंजर्स पर कश्मीरियों के कत्लेआम का आरोप लग रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में सुरक्षा बल सीधे तौर पर लोगों पर गोलीबारी करते दिख रहे हैं।

 

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रावलाकोट में सबसे अधिक हिंसा

उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद न केवल मुजफ्फराबाद, बल्कि पूरे पीओजेके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सबसे अधिक हिंसा का गवाह रावलाकोट बना है। यहां सुरक्षाबलों के साथ झड़प में 11 लोगों की जान गई है। पूरे इलाके में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। 


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