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सिंधु का नाम लेकर मरने की कसम क्यों खा रहे पाकिस्तानी, भारत ने ऐसा क्या किया?

सिंधु जल समझौता रुकने से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है और लोग सड़कों पर उतर आए हैं। पानी रुकने के डर से वहां के नेता अब भारत को युद्ध की धमकी दे रहे हैं।

Indus River Water

सिंधु नदी, Photo Credit: Social Media

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पाकिस्तान के सिंध इलाके में बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। वहां के लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। वे भारत सरकार के एक फैसले के खिलाफ लगातार नारे लगा रहे हैं। दरअसल, पिछले साल जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले के बाद भारत ने बहुत कड़ा कदम उठाया। भारत ने दोनों देशों के बीच होने वाले 'सिंधु जल समझौते' को पूरी तरह से रोक दिया है। भारत ने पाकिस्तान को बिल्कुल साफ कह दिया है कि उसे सीमा पार से आतंकवाद की मदद करना बंद करना होगा। भारत के इस बड़े फैसले से पूरा पाकिस्तान बुरी तरह हिल गया है। सिंध इलाके में लोग अब सिंधु नदी का नाम लेकर मरने तक की कसमें खा रहे हैं। आपको बता दें कि साल 1960 में विश्व बैंक की मदद से दोनों देशों के बीच नदियों के पानी के इस्तेमाल के लिए यह समझौता हुआ था।

 

पाकिस्तान की 'पाकिस्तान पीपल्स पार्टी' ने भारत के इस कदम के खिलाफ सिंध प्रांत में कई जगह रैलियां निकाली हैं। इस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कराची, हैदराबाद, थार, मीरपुरखास, लरकाना, शिकारपुर, नौशहरों फिरोज और दाडू में बहुत बड़े प्रदर्शन किए। इन सभी जगहों पर लोग बेहद गुस्से में थे। वे सड़कों पर उतरकर लगातार नारे लगा रहे थे कि वे जान दे देंगे, लेकिन सिंधु नदी पर अपना दावा कभी नहीं छोड़ेंगे।

 

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बिलावल को प्रधानमंत्री बनाने का प्लान

पार्टी के नेता निसार अहमद खुहरो ने बताया कि वे इस मुद्दे को अब सीधे आम जनता के बीच ले जा रहे हैं। बिलावल भुट्टो जरदारी के कहने पर अब हर एक गांव में जाकर लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। खुहरो ने यह भी कहा कि कार्यकर्ता मिलकर बिलावल को देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे ताकि वह पाकिस्तान के हितों की रक्षा कर सकें। उनका मानना है कि पाकिस्तानी लोग अपने देश पर ऐसा कोई हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे और बिलावल में इतनी हिम्मत है कि वह इस समस्या का सही हल निकाल सकते हैं।

 

सिंध सरकार के मंत्री सईद घनी ने कहा कि सिंधु नदी का संकट सिर्फ सिंध या कराची का नहीं है बल्कि इसका असर पूरे पाकिस्तान पर पड़ेगा। उन्होंने इस नदी को देश की जीवनरेखा बताया। सईद घनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सिंधु नदी के पानी को रोका गया तो पाकिस्तान के लोग शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वे लड़ाई नहीं चाहते,  युद्ध से कोई हल नहीं निकलता लेकिन अगर लोगों को पानी और खाना नहीं मिला तो उनके पास युद्ध करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा।

 

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भारत की सख्त चेतावनी

इस पूरे हंगामे पर भारत का रुख बहुत मजबूत और साफ है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ-साफ कह दिया कि सिंधु जल संधि पर भारत का फैसला बिल्कुल पक्का है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार मिल रहे सीमा पार आतंकवाद के कारण ही इस समझौते को रोका गया है। भारत ने बिल्कुल दो टूक चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान इस स्थिति को बदलना चाहता है तो उसे आतंकवाद की मदद करना हमेशा के लिए और पूरी तरह से छोड़ना होगा।

 


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