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भारत-रूस व्यापार में 100 अरब डॉलर का लक्ष्य, जयशंकर-पुतिन की बैठक क्यों अहम है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किर्गिस्तान में प्रस्तावित SCO समिट में मिल सकते हैं। व्लादिमीर पुतिन दिल्ली भी आने वाले हैं।

Vladimir Putin

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर। Photo Credit: MEA

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और तकनीक सहयोग पर चर्चा हुई। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस के साथ सहयोग में रूस, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाई-टेक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। 

व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार इस साल बढ़ रहा है। पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत तौर पर इसे देख रहे हैं। दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा है। साल 2024-25 में व्यापार 68.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।

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किन मुद्दों पर बात हुई?

दोनों नेताओं ने व्यापार और रक्षा मामलों पर बात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग पर अच्छी प्रगति हुई है। पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात जल्द होने वाली है। दोनों 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। 

 

 

12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी मुलाकात होगी। भारत इस ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा।जयशंकर रूस-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में भी शामिल हुए थे। इसमें ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति और अन्य मुद्दों पर बातचीत हुई। रूस भारतीय किसानों के लिए उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने के लिए तैयार है।

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मुलाकात का एजेंडा क्या?

विदेश मंत्री एस जयशंकर का दौरा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग के लिए अहम माना जा रहा है। व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और तकनीक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। विदेश मंत्री ने बताया कि इंडिया रशिया इंटर गवर्नमेंटल कमीशन ऑन ट्रेड (IRIGC) की व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में हुई प्रगति पर चर्चा के लिए थी।

100 अरब डॉलर का मिशन क्या है?

 दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर भी चर्चा की। दोनों देशो का मानना है कि व्यापार लक्ष्य 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एससीओ और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मिलने वाले हैं। दोनों की बैठक का एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर भी चर्चा हुई है।


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