logo

मूड

ट्रेंडिंग:

अमीर हैं तो पी सकते हैं! सऊदी अरब में शराब को लेकर क्या नया फरमान आया?

सऊदी अरब में अब तक विदेशी डिप्लोमैट्स शराब खरीद सकते थे लेकिन अब विदेशी नागरिक भी शराब खरीद सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं।

saudi arab

प्रतीकात्मक तस्वीर। (AI Generated Image)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

अगर आप अमीर हैं और सऊदी अरब में रह रहे हैं तो अब आप भी शराब खरीद सकते हैं। सऊदी अरब में अब तक सिर्फ विदेशी राजनयिकों को ही शराब खरीदने की इजाजत थी। मगर अब सऊदी में रहने वाले अमीर विदेशी भी शराब खरीद सकते हैं। हालांकि, शराब उन्हें ही मिलेगी जो गैर-मुस्लिम होंगे। हालांकि, इसका अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है लेकिन ऐसी खबरें हैं कि सऊदी ने अमीर विदेशियों को शराब बेचना शुरू कर दिया है।


सऊदी अरब में 72 साल से शराब बैन थी। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी की अर्थव्यवस्था को तेल से हटाकर दूसरी चीजों पर लाना चाहते हैं। इसके लिए सऊदी की सरकार विजन 2030 पर काम कर रही है। शराब पर लगे बैन को हटाना भी इसी विजन 2030 का हिस्सा था।


अब तक विदेशी राजनयिक रियाद के स्टोर से शराब खरीद सकते थे। पर अब सभी विदेशी लोगों को भी शराब खरीदने की छूट मिल गई है।

 

यह भी पढ़ें-- दुनिया की भूख मिटाता है भारत का चावल, पर ट्रंप क्यों इससे चिढ़े हैं?

कौन विदेशी खरीद सकते हैं शराब?

सऊदी अरब के रियाद में पिछले साल शराब का स्टोर खुला था। हालांकि, इसका कोई नाम नहीं है। यहां से विदेशी डिप्लोमैट्स शराब खरीद सकते थे। अब डिप्लोमैट्स के अलावा आम विदेशी भी शराब खरीद सकते हैं।


न्यूज एजेंसी AFP को कुछ लोगों ने बताया है कि जो भी विदेशी नागरिक महीने में 50 हजार रियाल यानी 13,300 डॉलर तक कमाते हैं, वे सभी अब शराब खरीद सकते हैं। हालांकि, शराब सिर्फ गैर-मुस्लिमों को ही मिलेगी।


शराब सिर्फ उन्ही गैर-मुस्लिम विदेशियों को मिलेगी, जिनके पास प्रीमियम वीजा होगा। 2019 में सऊदी सरकार ने प्रीमियम वीजा देना शुरू किया था। इसकी कुछ शर्तें होती हैं। ऐसे विदेशी नागरिक जो एक बार में 8 लाख रियाल जमा करवाते हैं, उन्हें प्रीमियम वीजा मिलता है।

 

यह भी पढ़ें-- नेहरू, जिन्ना, वफादारी का सर्टिफिकेट... 'वंदे मातरम्' पर संसद में क्या-क्या हुआ?

शराब की और दुकानें भी खुलेंगी!

जनवरी 2024 में रियाद के एक मॉल में पहली शराब की दुकान खुली थी। रियाद में ही शराब की दुकान इसलिए खोली गई थी, क्योंकि विदेशी डिप्लोमैट्स यहीं रहते हैं।


अब बताया जा रहा है कि सरकार और भी जगहों पर शराब की दुकान खोलने की तैयारी कर रही है। AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, जेद्दाह और दहरान में शराब का स्टोर खुल सकता है, क्योंकि तेल का बिजनेस होने के कारण बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक यहां रहते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।

 

यह भी पढ़ें-- 400 विमान, 84000 करोड़ का रेवेन्यू; कितना बड़ा है इंडिगो का साम्राज्य?

शराब के लिए हैं सख्त नियम

सऊदी अरब में विदेशियों और गैर-मुस्लिमों के लिए शराब की बिक्री शुरू हो गई हो लेकिन अब भी इसके लिए सख्त नियम हैं। हर महीने का कोटा भी तय है।


शराब सिर्फ उन्हीं गैर-मुस्लिम विदेशियों को मिल सकती है, जिन्हें सरकार से क्लियरेंस मिला होगा। मोबाइल ऐप पर रजिस्टर करना जरूरी होगा। शराब सिर्फ उन्हीं विदेशियों को मिलेगी, जो गैर-मुस्लिम होंगे और जिनकी उम्र 21 साल से ज्यादा होगी।


शराब के लिए मंथली कोटा भी फिक्स है। हर विदेशी महीने में 240 पॉइंट्स तक ही शराब खरीद सकता है। व्हिस्की या स्कॉच जैसी एक लीटर स्पिरिट के 6 पॉइंट, एक लीटर वाइन के 3 पॉइंट और एक लीटर बीयर का 1 पॉइंट है।


इतना ही नहीं, शराब सिर्फ उसी को दी जाएगी जिसका नाम रजिस्टर होगा। कोई भी विदेशी नागरिक किसी दूसरे को शराब खरीदने के लिए नहीं भेज सकता। 

 

यह भी पढ़ें-- रूस का सस्ता तेल क्या भारत को पड़ रहा है महंगा? समझिए

सऊदी में इसलिए बैन थी शराब

सऊदी अरब में हमेशा से शराब बैन नहीं थी। यहां 1952 में शराब पर बैन लगाया गया था। दरअसल, 1951 में जेद्दाह में एक पार्टी हुई थी। इस पार्टी में शाही परिवार के एक सदस्य ने शराब के नशे में धुत होकर कथित तौर पर एक विदेशी डिप्लोमैट की गोली मारकर हत्या कर दी थी।


रिपोर्ट के मुताबिक, किंग अब्दुल अजीज के बेटे प्रिंस मिशारी नशे में इतना धुत हो गए थे कि उन्होंने ब्रिटिश डिप्लोमैट सिरिल उस्मान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस वक्त प्रिंस की उम्र 19 साल थी। इसके लिए प्रिंस को हत्या का दोषी ठहराया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।


साल 1952 में सऊदी अरब में शराब पर प्रतिबंद लगा दिया था। सऊदी में शराब पीने और रखने पर पूरी तरह रोक थी। ऐसा करने पर न सिर्फ जुर्माना या जेल की सजा दी जाती थी, बल्कि विदेशी को डिपोर्ट भी किया जा सकता था।

Related Topic:#International News

और पढ़ें