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जिस स्कूल में अरस्तू ने सिंकदर को पढ़ाया, उस स्कूल के बारे में अब क्या पता चला?

ग्रीस में पुरातत्वविदों को करीब 2,400 साल पुराना एक परिसर मिला है, जिसे वह स्कूल बताया जा रहा है जहां एरिस्टोटल ने अलेक्जेंडर द ग्रेट को शिक्षा दी थी।

school where Aristotle taught Alexander the Great

2400 साल पुराना स्कूल मिला, Photo Credit: Hellenic Ministry of Culture

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ग्रीस में पुरातत्वविदों को करीब 2,400 साल पुराना एक परिसर मिला है। इस परिसर को महान दार्शनिक अरस्तू (एरिस्टोटल) और सिकंदर महान (अलेक्जेंडर द ग्रेट ) से जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि यही वह जगह हो सकती है, जहां अरस्तू ने सिकंदर और मैसेडोनिया के दूसरे कुलीन परिवारों के बच्चों को पढ़ाया था ।ग्रीस के संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि सिकंदर के स्कूल को प्राचीन मैसीडोनियन शहर मीजा में खोजा गया है।

 

ग्रीस के संस्कृति मंत्रालय ने पुरातत्वव विभाग की इस खोज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुरातत्वविदों ने एक बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स खोजा है, जिसमें दो दावत, एक स्पोर्ट्स एरिना, एक स्टेडियम, छत वाला पोर्च और पत्थर की डेस्क वाला एक लेक्चर हॉल शामिल है। इसे अब अरस्तू से जोड़ा जा रहा है। 

 

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तीन साल से चल रही है खुदाई

मीजा में यह खुदाई करीब तीन साल से चल रही है। इससे पहले भी यहां एक बड़ा जिम्नेजियम परिसर सामने आ चुका था। करीब 30 एकड़ में फैले इस परिसर में कुश्ती के लिए जगह यानी पलेस्त्रा, एक स्टेडियम, गलियारे और एक ढका हुआ करीब 200 मीटर लंबा दौड़ने का ट्रैक मिला था। अगले चरण की खुदाई में अब इस परिसर का वह हिस्सा मिला है, जो पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा माना जा रहा है।

पढ़ने की जगह मिली

पुरातत्वविदों ने परिसर में एक बड़ा हिस्सा खोजा है, जिसे डिडास्केलियन कहा गया है। इसका मतलब है पढ़ाने की जगह। यहां पत्थर की मेजें और लिखने के लिए इस्तेमाल होने वाली स्टाइलस जैसी चीजों के सबूत मिले हैं। पुरातत्वविदों को यहां सिक्के, मिट्टी के बर्तन और लिखने के इस्तेमाल होने वाली छड़ें मिली हैं। इससे संकेत मिलता है कि यहां सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण नहीं होता था, बल्कि पढ़ाई भी होती थी। 

 

पुरातत्वविदों को पढ़ाई वाले हिस्से के पास दो भोजन कक्ष भी मिले हैं। इन कमरों में मोजेक टाइलों से बने फर्श और सजावटी डिजाइन हैं। इनकी बनावट मैसेडोनिया के राजा फिलिप द्वितीय के एगाई स्थित महल जैसी दिखाई देती है। पुरातत्वविद एंजेलिकी कोत्तारिदी का मानना है कि यह समानता महज संयोग नहीं है। उनके मुताबिक, इससे यह संकेत मिलता है कि मीजा का यह परिसर राजा फिलिप द्वितीय ने अपने बेटे सिकंदर और मैसेडोनिया के कुलीन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए बनवाया था।

 

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सिकंदर को यहीं पढ़ाते थे अरस्तू

लेखक प्लूटार्क ने अपनी किताब 'लाइफ ऑफ अलेक्जेंडर' में लिखा था कि सिकंदर महान की पढ़ाई मीजा के एक स्कूल में हुई थी और वहां अरस्तू उन्हें पढ़ाते थे। पुरातत्वविद और ग्रीस के संस्कृति मंत्रालय की पुरावशेष निदेशक एंजेलिकी कोत्तारिदी इस खुदाई का नेतृत्व कर रही हैं। उनका मानना है कि खुदाई में मिला यह परिसर वही स्कूल है, जहां सिकंदर ने पढ़ाई की थी। कोत्तारिदी के मुताबिक, राजा फिलिप द्वितीय ने यह स्कूल अपने बेटे सिकंदर और मैसेडोनिया के दूसरे कुलीन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए बनवाया था।


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