logo

ट्रेंडिंग:

‘यह भारत नहीं है’, न्यूजीलैंड में फिर सिखों के जुलूस को रोका, किया हाका नृत्य

न्यूजीलैंड में एक बार फिर सिखों के धार्मिक जुलूस को रोकने की कोशिश की गई। घटना ऑकलैंड से 225 किलोमीटर दूर तौरंगा शहर में हुई।

news image

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

न्यूज़ीलैंड में रविवार को गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन के मौके पर सिख समुदाय द्वारा निकाला गया सालाना नगर कीर्तन (धार्मिक जुलूस) दूसरी बार बाधित किया गया। यह घटना पिछले तीन हफ्तों में दूसरी बार हुई है। यह घटना तौरंगा शहर में हुई जो ऑकलैंड से लगभग 225 किलोमीटर दूर है। जुलूस सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिख संगत मंदिर से शुरू हुआ और कैमरन रोड से होते हुए तौरंगा बॉयज़ कॉलेज की ओर बढ़ा।

 

न्यूज़ीलैंड में रविवार को गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन के मौके पर सिख समुदाय द्वारा निकाला गया सालाना नगर कीर्तन (धार्मिक जुलूस) दूसरी बार बाधित किया गया। यह घटना पिछले तीन हफ्तों में दूसरी बार हुई है। यह घटना तौरंगा शहर में हुई जो ऑकलैंड से लगभग 225 किलोमीटर दूर है। जुलूस सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिख संगत मंदिर से शुरू हुआ और कैमरन रोड से होते हुए तौरंगा बॉयज़ कॉलेज की ओर बढ़ा। यह जुलूस गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर निकाला जा रहा था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), अमृतसर ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है।

 

यह भी पढ़ें: 'इजरायल और अमेरिका को बख्शेंगे नहीं,' ईरान की धमकी, मिडिल ईस्ट में तबाही तय है?

सुरक्षा के थे इंतजाम

पिछली बार की घटना के बाद पुलिस को पहले से पता था कि कोई इस तरह की परेशानी किसी क्रिश्चियन ग्रुप द्वारा सामने आ सकती है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इसके बावजूद, पेंटेकोस्टल लीडर ब्रायन तमाकी से जुड़े डेस्टिनी चर्च के समर्थकों ने जुलूस को रोकने की कोशिश की।

 

 

 

 

वे माओरी हाका (एक पारंपरिक जनजातीय नृत्य) करते हुए विरोध जताने लगे और बैनर लिए हुए थे जिन पर लिखा था - ‘यह न्यूज़ीलैंड है, भारत नहीं।’

 

ब्रायन तमाकी ने इस घटना का वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया और लिखा - 'किसकी सड़कें? किवी की सड़कें।' उन्होंने कहा, 'आज तौरंगा में हमारे ट्रू पैट्रियट्स ने सिख परेड का जवाब हाका से दिया... न हिंसा से, न चुप्पी से, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध से।'

पहले भी हुई घटना

लगभग तीन हफ्ते पहले भी ऑकलैंड में साहिबजादों की शहादत के मौके पर निकाले गए नगर कीर्तन में इसी तरह का विरोध हुआ था। उस घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, अकाल तख्त के जत्थेदार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कड़ी निंदा की थी।

 

SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने शांति से अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार नगर कीर्तन निकाला था। लेकिन न्यूज़ीलैंड में यह दूसरी बार हुआ, जिससे सिख समुदाय बहुत दुखी है।

 

यह भी पढ़ें: '1000 से ज्यादा सुसाइड बॉम्बर तैयार', मसूद अजहर का धमकी वाला ऑडियो वायरल

 

धामी बोले, 'सिख समुदाय ने हमेशा वैश्विक भाईचारे को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है। इसे नफरत की नजर से देखना बिल्कुल अस्वीकार्य है।' उन्होंने आगे कहा, 'नगर कीर्तन सिख धर्म की पवित्र परंपरा है। इसका विरोध न सिर्फ सिख विश्वास के मानवीय मूल्यों पर हमला है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सह-अस्तित्व के लिए चुनौती भी है।'

 

SGPC प्रमुख ने न्यूज़ीलैंड और भारत की सरकारों से अपील की कि वे इस मामले पर गंभीरता से ध्यान दें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

 

Related Topic:#New Zealand

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap