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पहले बमबारी की धमकी, फिर सीजफायर का एलान, ईरान पर भ्रम में हैं डोनाल्ड ट्रंप

कभी ईरान को तबाह करने की धमकी देते हैं, कभी संघर्ष विराम समझौता बढ़ाते हैं। ईरान पर दुनिया को ट्रंप नीति समझ नहीं आ रही है।

Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। Photo Credit: PTI

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध विराम समझौते को बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अभी तक बातचीत के लिए वह प्रस्ताव नहीं लाया है, जिस पर सब एकमत हों और वह पूरे ईरान को मंजूर हो। इसलिए पाकिस्तान की अपील पर उन्होंने हमले रोकने का फैसला लिया है। 

अमेरिका और ईरान में हो रही बातचीत का मध्यस्थ पाकिस्तान है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने उनसे ईरान पर हमला टालने की गुजारिश की। 

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ईरान को ट्रंप ने मोहलत क्यों दी है?

ईरान के नेता एकजुट प्रस्ताव तैयार कर सकें, इसके लिए समय दिया जा रहा है। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के बंदरगाहों के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगाया गया नौसैनिक नाकेबंदी अभी जारी रहने वाली है। अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार रहेगी।

कब तक जारी रहेगा सीज फायर?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार को गंभीर रूप से बंटी हुई सरकार बताया है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान का प्रस्ताव नहीं आ जाता और बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलता, तब तक संघर्ष विराम को अमेरिका बढ़ा रहा है। 

पहले हमले की धमकी, फिर सीजफायर का एलान

डोनाल्ड ट्रंप ने CNBC को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो बमबारी फिर शुरू कर देंगे। कुछ घंटों बाद उन्होंने अपना रुख बदलकर सीजफायर बढ़ाने की घोषणा कर दी।

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ईरान का रुख क्या है?

ईरान की तरफ से अभी तक इस ऐलान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईरान के एक सांसद के सलाहकार ने इसे धोखा बताया और कहा कि हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं थोप सकता। दूसरी दौर की बातचीत इस्लामाबाद में होनी थी, लेकिन उस पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान, अमेरिका की किस बात पर खपा है?

ईरान ने पहले कहा था कि अमेरिका की ज्यादा मांगों और नाकेबंदी की वजह से वह बातचीत में शामिल नहीं होगा। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 'टूस्का' जहाज को जब्त कर लिया है। इसे लेकर भी लड़ाई चल रही है।  

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला और ईरान के बाद क्यूबा की बारी! आखिर इस देश के पीछे क्यों पड़े ट्रंप?

ईरान, अमेरिका को बता रहा समुद्री डाकू

ईरान अमेरिकी कार्रवाई को समुद्री डकैती बता रहा है। इसे सीजफायर का उल्लंघन मान रहा है। इस फैसले से युद्ध बढ़ने की आशंकाएं कुछ कम हुई हैं, लेकिन दोनों तरफ से तनाव अभी भी जारी है। बातचीत कब और कैसे आगे बढ़ेगी, यह भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है।


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