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अब मचेगी तबाही! होर्मुज स्ट्रेट में स्पेशल यूनिट भेज रहा अमेरिका

अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 2500 स्पेशल मरीन सैनिकों को भेज रहा है। इन सैनिकों को अंतरराष्ट्रीय संकट से निपटने की ट्रेनिंग मिली हुई है। अक्सर इनकी तैनाती जापान के करीब होती है।

Strait of Hormuz

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव। ( Photo Credit: X/@ianellisjones)

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की एक नहीं चल रही है। ईरान अपने हिसाब से जहाजों को निशाना बना रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमले और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधा ने डोनाल्ड ट्रंप को भी चिंता में डाल दिया है। अब उन्हें उम्मीद है कि शायद चीन,जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश अपने जहाज भेजेंगे, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखा जा सके।

 

अमेरिका ने एक ओर जहां खार्ग आइलैंड पर हमला करके ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की तो वहीं अब एक नई रणनीति अपनाने जा रहा है। ट्रंप प्रशासन होर्मुज में करीब 2500 मरीन सैनिकों की तैनाती कर रहा है, ताकि स्ट्रेट को ईरानी हमलों के बीच खुला रखा जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान के ओकिनावा में तैनात रहने वाली अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (एमईयू) से सैनिकों के आने की उम्मीद है। इस यूनिट के पास यूएसएस त्रिपोली समेत कई अन्य युद्धपोत हैं।

 

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माना जा रहा है कि ईरान की नेवी स्ट्रेट के आसपास स्थित छोटे आइलैंड से संचालित होती है। यहां से वह छोटी नावों से भी हमला करने में सक्षम है। इन द्वीपों में ड्रोन लॉन्च साइट, मिसाइल बटरियां और बारूदी सुरंग बिछाने वाली टीमें तैनात हैं। मरीन सैनिकों की तैनात के बाद अमेरिका को इन द्वीपों पर विशेष ऑपरेशन चलाने की ताकत मिल जाएगी।

कैसे काम करती है  मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट?

अमेरिका ने मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को अंतरराष्ट्रीय संकट से निपटने के उद्देश्य से बनाया है। इनके पास विशेष उभयचर युद्धपोत होते हैं। जिनकी मदद से जमीनी सेना को समुद्र तट तक पहुंचाया जाता है। हर यूनिट में लगभग 2500 सैनिक होते हैं। उनकी एक कमान यूनिट भी होती है।

 

 

मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के पास तीन तरह का सपोर्ट होता है। उनके पास जमीनी युद्ध यूनिट होती है। इसमें बदल सेना, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपे होती हैं। हवाई युद्ध यूनिट में एफ-35बी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। इसके अलावा एक रसद यूनिट होती है। वह जरूरत की सामान की आपूर्ति, परिवहन, रखरखाव और चिकित्सा पर ध्यान देती है। 

 

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अमेरिका ने दी तबाही मचाने की धमकी

हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सिर्फ सैन्य ठिकानों पर तबाही मचाई। अब डोनाल्ड ट्रंप ने तेल निर्यात केंद्र को निशाना बनाने की बात कही है। ट्रंप ने कहा, अमेरिकी हमलों ने खार्ग आइलैंड के अधिकांश हिस्से को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। ट्रंप ने आगे कहा, 'हम मजे के लिए कुछ और हमले कर सकते हैं।' उनका दावा है कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन अमेरिका अभी तैयार नहीं है।

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