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भारत के लिए PAK 'समस्या' है तो चीन है 'विरोधी', US रिपोर्ट में खुलासा

भारत, चीन और पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि भारत, पाकिस्तान को एक समस्या के रूप में देखता है।

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पीएम मोदी। (Photo Credit: PTI)

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अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अपने लिए चीन को सबसे बड़ा 'खतरा' मानता है, जबकि पाकिस्तान एक 'समस्या' है, जिससे निपटा जा सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है पाकिस्तान, भारत को अपने 'अस्तित्व के लिए खतरा' मानता है और भारतीय सेना का मुकाबला करने के लिए टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन बना रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और चीन के बीच LAC पर तनाव बढ़ सकता है।


अमेरिकी एजेंसी की यह रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है, जब हाल ही में पहलगाम अटैक और फिर ऑपरेशन सिंदूर की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बन गए थे।

 

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रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

इस रिपोर्ट को DIA के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल जैफरी क्रूज ने तैयार किया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया, 'भारत, चीन को अपना विरोधी मानता है और पाकिस्तान को एक समस्या के रूप में देखता है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान अपने अस्तित्व के लिए भारत को खतरा मानता है और इससे निपटने के लिए परमाणु हथियारों के साथ-साथ सेना को आधुनिक करने की तैयारी कर रहा है।'


रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का आधुनिकीकरण कर रहा है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को चीन से आर्थिक और सैन्य सहायता मिल रही है और पाकिस्तानी सेना हर साल चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ कई संयुक्त सैन्य अभ्यास भी करती है।

 

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चीन पर निर्भर है पाकिस्तानी सेना

रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में भारत के साथ हुई सैन्य झड़प में पाकिस्तान की सेना ने चीन से मिले JF-17, J-10C लड़ाकू विमान और PL-15 मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था।


DIA ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान मास ड्रिस्टक्शन वाले हथियारों को बना रहा है और इसके लिए चीन से सामग्री मिल रही है। कभी-कभी उसे हांगकांग, सिंगापुर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात से भी सामान मिलता है।

चीन से बढ़ सकता है तनाव

इसमें कहा गया है कि LAC पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है। चीन का मुकाबला करने के लिए भारत दुनिया में अपनी साख बढ़ा रहा है। इसके साथ-साथ सैन्य अभ्यास, हथियारों की बिक्री और हिंद महासागर में अपनी रक्षा साझेदारी को बढ़ाने पर प्राथमिकता दे रहा है।


हालांकि, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और चीन के बीच पिछले साल अक्टूबर में LAC पर सेनाओं के पीछे हटने पर एक समझौता हुआ था। इससे सीमा विवाद तो हल नहीं हुआ लेकिन गलवान में हुई झड़प के बाद तनाव थोड़ा कम जरूर हुआ।


रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत भी अपनी सेना का आधुनिकीकरण करने के लिए 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा दे रहा है। भारत ने 2024 में परमाणु हमला करने वाली अग्नि-I प्राइम MRBM और अग्नि-V मिसाइल का टेस्ट किया था। इसके साथ ही न्यूक्लियर सबमरीन को भी अपने बेड़े में शामिल किया है।

 

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रूस से रिश्तों पर क्या कहा?

DIA ने अपनी रिपोर्ट में भारत और रूस के रिश्तों पर भी अपनी बात कही है। इसमें कहा गया है कि भारत और रूस के बीच संबंध बेहतर बने रहेंगे, क्योंकि भारत इन संबंधों को अपने आर्थिक और रक्षा के लिए अहम मानता है। साथ ही रूस-चीन के संबंधों को देखते हुए भी भारत के लिए रूस काफी अहम है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने भले ही रूस से हथियारों की खरीद कम कर दी हो लेकिन चीन और पाकिस्तान के संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए भारत अब भी रूसी टैंकों और लड़ाकू विमानों पर काफी हद तक निर्भर है।


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