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US नेवी के 8 जवानों ने की आत्महत्या की कोशिश, 286 दिन से समुद्र में थे तैनात

अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर तैनात 8 अमेरिकी नौसैनिकों ने आत्महत्या करने की कोशिश की। ईरान युद्ध के दौरान यह जहाज करीब 286 दिन लगातार समुद्र में रहा।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-Chat GPT

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अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर तैनात 8 अमेरिकी नौसैनिकों ने आत्महत्या करने की कोशिश की। अमेरिका के कार्यवाहक नेवी सेक्रेटरी हंग काओ ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड को लिखे एक पत्र में यह जानकारी दी है। यह जहाज ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध अभियान में लगा हुआ था, लंबे समय तक समुद्र में ही था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि लिंकन की तैनाती शुरू होने के बाद से पूरे स्ट्राइक ग्रुप में कुल आठ आत्महत्या के प्रयास हुए हैं।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जहाज करीब 286 दिन लगातार समुद्र में रहा, जबकि इसे मई में ही वापस आना था। ईरान से तनाव कम नहीं हुआ तो तैनाती बढ़ा दी गई और आखिरकार 1 सितंबर को जहाज थाईलैंड के एक शहर पहुंचा। इस घटना ने जवानों की मानसिक हालत और जहाज पर मिल रही सुविधाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।  

 

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286 दिन समुद्र में रहा जहाज

USS अब्राहम लिंकन ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध अभियान के तहत लंबे समय से समुद्र में तैनात था। लिंकन की तैनाती शुरू होने के बाद से पूरे स्ट्राइक ग्रुप में कुल 8 आत्महत्या के प्रयास हुए हैं। इसमें लिंकन के क्रू के अलावा एयरविंग, डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन और साथ चल रहे अन्य जहाजों के सैनिक भी शामिल हैं। लिंकन जहाज लगभग 286 दिन समुद्र में रहने के बाद एक सितंबर को थाईलैंड के एक पर्यटन शहर में लौटा। हालांकि, पहले इस तैनाती को मई में खत्म होना था लेकिन ईरान के साथ तनाव खत्म न होने के कारण इसे बढ़ा दिया गया था। 

मानसिक हालत भी बिगड़ रही थी 

अगस्त में सैनिकों की बिगड़ती मानसिक हालत पर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें सामने आया था कि कुछ सैनिकों के समुद्र में कूदने की कोशिश की, जिसके बाद डेमोक्रेटिक नेताओं ने जांच की मांग की थी। मार्च महीने में एक सैनिक को साथी सैनिकों ने समुद्र में कूदने से रोका था। इसके अलावा, अगस्त में एक सैनिक समुद्र में कूद गया था, जिसे बचाकर इलाज के लिए जहाज से बाहर भेजा गया था। 

 

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खाने-पीने की चीजों की भी थी किल्लत 

इससे पहले जहाज में फफूंद, खाने और साबुन जैसी जरूरी चीजों की कमी की भी खबरें सामने आई थीं।  काओ ने बताया कि खाने के विकल्प अस्थायी रूप से घटाए गए थे। हालांकि उन्हें रोज चार बार संतुलित भोजन दिया जा रहा था। अब सच्चाई सामने आने के बाद गिलीब्रांड ने सरकार पर सैनिकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।


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