logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'रूस को सीमित करिए', जेलेंस्की ने की अपील, ट्रंप ने किया जिनपिंग का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपील की है कि रूस को सीमित करने की जरूरत है। उनका यह भाषण तब हुआ है जब शी जिनपिंग भी अमेरिका पहुंचे हैं।

zelensky and donald trump xi jinping

जेलेंस्की (बाएं), जिनपिंग का स्वागत करते ट्रंप (दाएं), Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

अमेरिका में एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लंबे समय के बाद आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। वह प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर पहुंच गए और शी जिनपिंग के स्वागत में भरपूर गर्मजोशी दिखाई। दूसरी तरफ अमेरिका में ही चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दुनियाभर से अपील कर डाली कि रूस के युद्ध, उसके पैसों और उसकी हरकतों पर लिमिट लगाने की जरूरत है। जेलेंस्की ने कहा कि जब कोई भी देश रूस के साथ कारोबार करके उसे पैसे देता है तो यह युद्ध और लंबा खिंच जाता है। जेलेंस्की के इस बयान पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस स्थायी शांति की दिशा में बातचीत के लिए तैयार है लेकिन वह युद्ध को यूं ही रोकने के पक्ष में नहीं है।  

 

जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का अधिवेशन चल रहा है, उसी वक्त शी जिनपिंग अपने 3 दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंच गए हैं। लगभग एक दशक के बाद अमेरिका आए शी जिनपिंग का स्वागत करने के लिए ट्रंप खुद अपनी पत्नी मेलानिया के साथ एयरपोर्ट पहुंचे। जिनपिंग भी अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे हैं। जब एयरपोर्ट पर जिनपिंग का स्वागत चल रहा था उसी तरह अमेरिका की ओर से एक B-1 लैंसर बॉम्बर भी उड़ाया गया और जिनपिंग को 479 जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

 

यह भी पढ़ें: पूरे यूरोप में शुरू हुईं युद्ध की तैयारियां, क्या भिड़ने वाला है रूस?

जमकर बरसे जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंग्रेजी में दिए अपने संबोधन में कहा, ‘जब कोई देश रूस के साथ व्यापार के जरिए उसे अधिक धन देता है, तो इससे यह युद्ध और लंबा खिंच जाता है। यही कारण है कि हम रूस जैसे आक्रामक देश के साथ व्यापार सीमित करने पर जोर दे रहे हैं और खुद भी रूस के राजस्व के स्रोतों को सीमित कर रहे हैं।’ बता दें कि रूस शनिवार को महासभा को संबोधित करेगा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई वर्षों से महासभा की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, उनकी जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव रूस का प्रतिनिधित्व करते हैं।

लावरोव ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि रूस स्थायी शांति की दिशा में बातचीत के लिए तैयार है लेकिन वह युद्ध को सिर्फ रोकने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी रोक से यूक्रेन और उसके समर्थकों को और अधिक हथियार जुटाने का समय मिल जाएगा। बता दें कि रूस ने साढ़े चार साल से अधिक समय पहले यूक्रेन पर हमला किया था। पश्चिमी विश्लेषकों का अनुमान है कि रूस के पांच लाख से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं और यूक्रेन में भी पांच लाख से अधिक सैन्यकर्मी हताहत हुए हैं, जिनमें करीब एक लाख 40 हजार तक मौतें शामिल हैं। हालांकि, दोनों देश अपने-अपने सैनिकों के हताहत होने के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करते।

 

यह भी पढ़ें: मोसाद ने जब किया 21वीं सदी का सबसे हैरतअंगेज ऑपरेशन, दुनिया चौंकी और डरी भी

चुनावी नतीजों के सहारे युद्ध को सही बता रहे पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छिड़ने के बाद हुए पहले संसदीय चुनाव के नतीजे उनकी नीतियों के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाते हैं। इस चुनाव के बाद संसद में क्रेमलिन का कद और बढ़ गया है। बीते रविवार को समाप्त हुए तीन दिवसीय मतदान में 97 प्रतिशत से अधिक मतों की गिनती के बाद चुनाव अधिकारियों ने बताया कि क्रेमलिन समर्थक मुख्य दल ‘यूनाइटेड रशिया’ को निचले सदन स्टेट ड्यूमा में तीन-चौथाई से अधिक सीट मिलेंगी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस चुनाव में विपक्ष की भागीदारी नहीं के बराबर रही।

 

कुल 11.1 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 59 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पुतिन ने शीर्ष सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक में टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में कहा, 'इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान के लिए बाहर आना दिखाता है कि रूस की जनता देश को मजबूत करने के हमारे प्रयासों का समर्थन करती है।’ चुनाव नतीजों के बाद यह पुतिन की पहली सार्वजनिक टिप्पणी है।


और पढ़ें