बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में भारी जीत मिलने के एक दिन बाद यानी शनिवार को बांग्लादेश नेशनिलस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने प्रेस कॉन्फ्रेस की। उम्मीद जताई जा रही है कि 16 और 17 फरवरी को नई सरकार का गठन हो सकता है। 17 साल के निर्वासन के बाद अपने वतन लौटे तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बनेंगे। उनकी सरकार मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की जगह लेगी। करीब 35 साल बाद बांग्लादेश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलेगा।
तारिक रहमान की जीत को भारत में सकारात्मक तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को जब उनसे भारत के साथ रिश्तों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और हमारे लोगों के हित ही हमारी विदेश नीति को तय करेंगे। चुनाव पूर्व भी तारिक रहमान बांग्लादेश के हितों को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। उन्होंने नारा भी दिया था कि न दिल्ली, न पिंडी, सिर्फ ढाका। मतलब उनकी सरकार के फैसलों के केंद्र में सिर्फ बांग्लादेश के हित होंगे।
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तारिक का सुरक्षित बांग्लादेश बनाने पर फोकस
तारिक ने सुरक्षित बांग्लादेश बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और लोगों से सहयोग भी मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का फोकस कानून-व्यवस्था पर होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारिक रहमान ने कहा, 'हमें एक सुरक्षित और मानवीय बांग्लादेश बनाने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। इस बार सभी को देश को फिर से बनाने में जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी। किसी भी बहाने और किसी के साथ कोई अन्याय नहीं किया जा सकता। कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखी जानी चाहिए।'
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'आज से हर कोई आजाद'
तारिक रहमान ने आगे कहा, 'देश बनाने में सभी के विचार आवश्यक हैं। हम सभी की राय के आधार पर देश बनाएंगे। देश के आजादी पसंद लोगों ने बीएनपी को जिताया है। आज से हर कोई आजाद है। सभी को बधाई। सभी की भागीदारी से देश में फासीवाद-मुक्त राज्य की यात्रा शुरू हो गई है।'
बता दें कि बांग्लादेश में अभी 297 सीटों के नतीजे आए हैं। बीएनपी को सबसे अधिक 209 पर जीत मिली है। वहीं जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों पर जीत है। चटगांव-2 और चटगांव-4 सीट के नतीजों फिलहाल टाल दिया गया है।