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रीता से फरजाना तक, बांग्लादेश में चुनाव जीतने वाली ये 7 महिलाएं कौन?

बांग्लादेश की संसद में अबकी बार सात महिलाएं दिखेंगी। कोई पहली बार तो कोई तीसरी बार चुनाव जीता है। सात में से छह विजेता महिलाओं का संबंध बीएनपी से है।

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रुमीन फरहाना, इसरत सुल्ताना और फरजाना पुतुल।

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बांग्लादेश की संसद में अबकी बार सात महिला चुनाव जीतकर पहुंची हैं। हालांकि कुल 85 महिला प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। सात विजेताओं में छह का संबंध बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से है। वहीं एक महिला प्रत्याशी ने निर्दलीय चुनाव जीता है। बांग्लादेश के चुनाव में बीएनपी और उसके गठबंधन को सबसे अधिक 212 सीटों पर जीत मिली है। जमात-ए-इस्लामी सिर्फ 77 सीटों पर सिमट गई। एक सीट पर इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश और 7 पर अन्य जीते हैं।

 

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तहसीना रुशदीर लूना: इन्होंने सिलहट 2 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। वे बीएनपी के लापता नेता एम इलियास अली की पत्नी है। बीएनपी ने लूना को यहां से प्रत्याशी बनाया तो जनता ने भी उन्हें 79,321 मतों से जीताकर संसद भेजा है।

 

शमा औबैद इस्लाम: फरीदपुर-2 सीट से बीएनपी की शमा औबैद इस्लाम ने जीत दर्ज की। उन्हें 32,953 मतों से जीत मिली है। उन्होंने अपनी जीत का सेहरा निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों के सिर पर बांधा और इसे विश्वास, प्रेम और अपार समर्थन का प्रतीक बताया।

 

रूमीन फरहाना: ब्राह्मणबारिया-2 सीट से रूमीन फरहाना ने निर्दलीय जीत हासिल की है। दरअसल, वे बीएनपी से टिकट मांग रही थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इसके बाद फरहाना ने बागी रुख अपनाया और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। बाद में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। अब उनकी जीत के बाद बीएनपी आलाकमान ने संपर्क किया है।

 

नायब यूसुफ अहमद: फरीदपुर-3 यानी फरीदपुर सदर सीट से नायब यूसुफ अहमद ने जीत हासिल की है। वे बीएनपी की महिला केंद्रीय समिति की संयुक्त महासचिव हैं। संसदीय चुनाव में उन्हें 24,430 मतों के अंतर से जीत मिली है।

 

फरजाना शर्मिन पुतुल: नाटोर-1 सीट से फरजाना शर्मिन पुतुल ने जीत हासिल की है। फरजाना बैरिस्टर हैं। इस सीट से उनके दिवंगत पिता और बीएनपी नेता फजलुर रहमान पुतुल चुनाव जीतते रहे हैं। अबकी बार बेटी ने जीत हासिल करके इतिहास रचा है। चुनाव में उनके बड़े भाई यासिर अरशद ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।

 

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इसरत सुल्तान एलेन भुट्टो: झालकाठी-2 सीट से इसरत सुल्तान एलेन भुट्टो ने जीत हासिल की। यह सीट उनकी पारिवारिक सीट है। यहां से उनके पति जुल्फिकार अली भुट्टो तीन बार सांसद रह चुके हैं। इसरत सुल्ताना एलेन भुट्टो ने बीएनपी के प्रत्याशी के तौर पर यहां से तीसरी बार जीत हासिल की है। इसरत सुल्तान एलेन भुट्टो ने पहली बार 2000 में उपचुनाव में जीत दर्ज की थी।

 

अफरोजा खानम रीता: मानिकगंज-3 सीट से पहली बार किसी महिला ने जीत हासिल की है। यह इतिहास बीएनपी उम्मीदवार अफरोजा खानम रीता ने दर्ज की। उन्हें 1,03,103 वोटों से जीत मिली है। रीता के दिवंगत पिता हारुनार राशिद खान मन्नो यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं। मौजूदा समय में रीता बीएनपी की जिला इकाई की संयोजक और बीएनपी अध्यक्ष की सलाहकार परिषद का भी हिस्सा हैं।


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