अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की वार्ता जल्द होने वाली है। उससे पहले अमेरिका तेहरान पर दबाव बढ़ा रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी सेना कई हफ्तों तक सैन्य अभियान की तैयारी में है। डोनाल्ड ट्रंप भी धमकी दे चुके हैं कि अगर बातचीत फेल हुई तो तेहरान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
ताजा रिपोर्ट में बताया गया कि अगर ट्रंप हमले का आदेश देते हैं तो यह पिछले संघर्ष से कहीं अधिक व्यापक होंगे। माना यह भी जा रहा है कि वार्ता से पहले ट्रंप ईरान पर दबाव बनाने चाहते हैं, ताकि उसे अपनी शर्तों पर राजी किया जा सके। इसकी एक झलक ट्रंप के बयान में भी दिखी। शुक्रवार को ट्रंप ने कहा' 'ईरान के साथ समझौता करना मुश्किल है, लेकिन कभी-कभी डर होना जरूरी होता है। यही एकमात्र तरीका है, जिससे स्थिति को संभाला जा सकता है।'
यह भी पढ़ें: यूनुस की होगी विदाई, इस दिन शपथ ले सकती बांग्लादेश की नई सरकार
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अबकी बार का प्लान बेहद जटिल बनाया जा रहा है। अभियान के तहत अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों के अलावा सरकारी और सुरक्षा स्थलों पर हमला कर सकता है। वहीं विशेषज्ञों ने चेताया कि हमला करने से अमेरिका को भी बड़ा खतरा होगा, क्योंकि ईरान के पास मिसाइलों का एक बड़ा जखीरा है।
कहां-कहां हमला कर सकता है ईरान?
अमेरिका के संभावित हमले के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी कि अगर ईरान पर हमला किया गया तो जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के सैन्य अड्डे को निशाना बनाया जाएगा। बता दें कि जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की समेत मध्य पूर्व में अमेरिका के 19 सैन्य ठिकाने हैं। इस बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में एक और विमानवाहक युद्धपोत भेजा है। इसमें हजारों सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात हैं।
यह भी पढ़ें: 'बाइडेन ही अच्छे थे', ट्रंप के खिलाफ क्यों हुई अमेरिका की जनता?
सत्ता बदलना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन में शामिल नहीं है। मगर शुक्रवार को ट्रंप ने सत्ता परिवर्तन पर दिलचस्पी दिखाई। जब उनसे सत्ता परिवर्तन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'यह सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है। उन्होंने विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड का जिक्र किया और कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी।