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बच्चे पैदा करवाकर वीजा दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, आखिर क्या है बर्थ टूरिज्म?

अमेरिका ने कुछ देशों के सैकड़ों नागिरकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। आरोप हैं कि ये लोग बर्थ टूरिज्म के गिरोह में लिप्त थे और लोगों को अमेरिका का वीजा दिलाने के लिए गलत तरीके अपना रहे थे।

ai generated image of birth tourism

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

अमेरिका में दूसरे देशों के लोगों का आना और वहीं बस जाना लंबे समय से समस्या बना हुआ है। लोग तरह-तरह के तरीके अपनाकर अमेरिका में बस रहे हैं। अब ऐसे ही एक तरीके का भंडाफोड़ करते हुए अमेरिका ने सैकड़ों विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिका ने इसे 'बर्थ टूरिज्म' कहते हुए बताया है कि और कहा है कि इसके पीछे पूरा एक गिरोह काम कर रहा है। आरोप है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों को उस वक्त अमेरिका पहुंचाता था जब उनका बच्चा होने वाला है। इस तरह वे टेंपरेरी वीजा दिलाने में मदद करते थे। यह कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप सरकार के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका के इमिग्रेशन और सिटिजनशिप सिस्टम के कथित दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।

 

अब अमेरिका ने कहा है कि किसी भी विदेशी नागरिक को यह अधिकारी नहीं है कि वह सिर्फ नागरिकता लेने के मकसद से विजिटर वीजा लेकर आए और अमेरिका में अपने बच्चे को जन्म दे। अमेरिका ने यह भी बताया है कि पश्चिमी अफ्रीका में स्थित अमेरिकी दूतावास ने ऐसे 100 से ज्यादा लोगों का खुलासा किया है जो फर्जी कागजात और 'वीजा फिक्सर्स' की मदद से अमेरिका पहुंचने के काम में जुटे हुए थे। इन लोगों का वीजा रद्द कर दिया गया है। 

 

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अमेरिका ने क्या-क्या बताया?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर कई पोस्ट कर कहा कि यूरोप, पश्चिम अफ्रीका और उत्तर अफ्रीका स्थित अमेरिकी दूतावासों ने ऐसे संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो विदेशी नागरिकों को अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के मकसद से अस्थायी वीजा दिलाने में मदद करते थे। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है, 'हमने इन नेटवर्कों को नष्ट कर दिया, इनके वीजा रद्द कर दिए और कई जालसाजों पर अमेरिका आने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया।’

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूरोप में एक अमेरिकी दूतावास ने 2024 से अब तक 400 से ज्यादा संदिग्ध ‘बर्थ टूरिज्म’ मामलों की पहचान की। ये मामले कम से कम छह ऐसी कंपनियों से जुड़े थे जो वीजा के लिए इंटरव्यू की तैयारी कराती थीं, अमेरिका में रहने की व्यवस्था करती थीं और डिलीवरी की योजना बनाती थीं। बताया गया है कि कि पश्चिम और उत्तर अफ्रीका में भी अमेरिकी मिशन ने इसी तरह के नेटवर्कों का पर्दाफाश किया और उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

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क्या है बर्थ टूरिज्म?

दरअसल, अमेरिका जैसे देशों में जहां वीजा के नियम काफी सख्त हैं तो कुछ मामलों में नियम काफी लचीले भी हैं। ऐसे गिरोह इन्हीं नियमों का फायदा उठाते हैं। इसमें होता यह है कि दूसरे देशों के नागरिक जैसे-तैसे अमेरिका पहुंच जाते हैं और उनके बच्चे का जन्म वहीं होता है। अमेरिका में 'सिटिजनशिप बाय बर्थ' का नियम है तो इस तरह पैदा हुए बच्चे को नागरिकता मिल जाती है। अब नवजात बच्चा अकेले तो रहेगा नहीं तो इसी के सहारे उसके माता-पिता को कुछ समय के लिए वीजा मिल जाता है। 

 

यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में सिटिजनशिप बाय बर्थ को खत्म करने के लिए एक आदेश पर दस्तखत कर दिए थे। हालांकि, बाद में फेडरल कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार देते हुए इस पर रोक लगा दी। बता दें कि बर्थ टूरिजम कराने वाले लोग 20 से 80 हजार डॉलर तक की रकम वसूलते हैं। ये लोग दूसरे देशों से आने वाले लोगों को रहने की जगह दिलाते हैं, अस्पताल का इंतजाम करते हैं और उनके कागज बनवाने में भी मदद करते हैं। 


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