ईरान अभी अपने इतिहास के सबसे भयानक विरोध प्रदर्शनों से ऊबरा भी नहीं है कि उसे हमले का खतरा सताने लगा है। मध्य पूर्व की तरफ बढ़ते अमेरिकी युद्धपोत से पूरे ईरान में हाई अलर्ट है। इस बीच ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल को सीधे धमकी दी है। आईआरजीसी के कमांडर ने इजरायल और अमेरिका से किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने की सलाह दी। अपनी धमकी में ईरानी कमांडर ने कहा कि ईरान तैयार है। अंगुली ट्रिगर पर है।
नूरन्यूज एजेंसी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर आईआरजीसी कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर के हवाले से अमेरिका और इजरायल को किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचने की चेतावनी दी। बयान में कहा, 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और ईरान, कमांडर-इन-चीफ के आदेश को पूरा करने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हैं। उनकी अंगुलियां ट्रिगर पर हैं।'
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ईरान पर कड़ी निगाह: डोनाल्ड ट्रंप
हाल ही में दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि एक विशाल बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने धमकी दी थी कि ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा। अगर ऐसा किया तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।
विरोध प्रदर्शनों में हजारों की जान गई
28 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ ईरान में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई। करीब 15 दिनों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों को दबाने में आईआरजीसी ने अहम भूमिका निभाई। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक हिंसा में लगभग 3117 लोगों की जान गई। पूरे देश में इंटरनेट और फोन सेवा बंद करने के बाद विरोध प्रदर्शनों की लहर मंद पड़ी। हालांकि पश्चिमी देश ईरान की सरकार पर दमन का आरोप लगा रहे हैं।
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विरोध प्रदर्शन में लोगों की मौत के बाद ट्रंप ने हस्तक्षेप की धमकी दी थी। मगर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि खाड़ी देशों के दखल के बाद ट्रंप ने अपना फैसला रोका था। वहीं कुछ ने दावा किया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐसा नहीं करने का दबाव डाला था, क्योंकि इजरायल की तैयारी पुख्ता नहीं थी।