logo

मूड

ट्रेंडिंग:

कौन था नीनियो गुरेरो जिसकी मौत से खुश हो गए डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिका ने ट्रेन डी अरागुआ नाम के एक खतरनाक गैंग के सरगना नीनियो गुरेरो को मार गिराया है। पढ़ें रिपोर्ट।

Niño Guerrero

ट्रेन डी अरागुआ का सरगना निनियो गुरेरो। Photo Credit: Social Media

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एलान किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के खतरनाक अपराधी गिरोह 'ट्रेन डी अरागुआ' के सरगना हेक्टर रुस्तेनफोर्ड ग्वेररो फ्लोरेस उर्फ नीना गुरेरो को मार गिराया है। अमेरिका के लिए यह अपराधी, 2 दशक से किरकिरी बना रहा। डोनाल्ड ट्रंप ने इसके मारे जाने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस अपराधी के मारे जाने का भी क्रेडिट अपने नाम कर लिया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मेरे आदेश पर, यूनाइटेड स्टेट्स सदर्न कमांड ने 'ट्रेन डे अरागुआ' के कुख्यात लीडर नीनियो गुरेरो को खत्म करने के लिए तेजी से और घातक हमला किया। यह संगठन दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक है। मेरे दोबारा पद संभालने से पहले, जो बाइडेन ने हमारी दक्षिणी सीमा को लाखों गैर-कानूनी अपराधियों के लिए खोल दिया था और इस विदेशी सेना को अमेरिकी नागरिकों के साथ बलात्कार, उन्हें अपंग बनाने और उनकी हत्या करने की खुली छूट दे दी थी।'

यह भी पढ़ें: 'इसीलिए सब इजरायल से नफरत करते हैं', बेंजामिन नेतन्याहू पर भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति,  अमेरिका:-
अपने चुनाव प्रचार के दौरान, मैंने इन राक्षसों को हमारे देश से बाहर निकालने और पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने का वादा किया था। यह कार्रवाई वेनेजुएला में हमारे दोस्तों के साथ मिलकर की गई, जिनके साथ हम बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं। 'ट्रेन डे अरागुआ' के आतंकवादियों के लिए अब वेनेजुएला या कहीं और कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। मेरे नेतृत्व में, हम इन बेरहम हत्यारों और ड्रग माफियाओं को कभी भी, कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और उन्हें नरक में भेज देंगे, जहां वे जाने के हकदार हैं।' 

कौन था नीनियो गुरेरो?

नीना गुरेरो 1983 में वेनेजुएला के अरागुआ राज्य के माराके शहर में पैदा हुआ था। साल 2000 से ही अपराध की दुनिया में शामिल हुआ था। पहले वह छोटे-मोटे अपराधों में शामिल था, बाद में उसने वेनेजुएला में अपना दबदबा फैला लिया।

साल 2005 में उसने एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया और एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी। इसके बाद वह कई बार जेल गया, भागा और फिर पकड़ा गया। साल 2018 में उसे हत्या, ड्रग तस्करी, हथियार रखने और अन्य गंभीर आरोपों में 17 साल की सजा हुई थी।

यह भी पढ़ें: बकरीद पर बाल-बाल बचा 'डोनाल्ड ट्रंप' नाम वाला भैंसा, बांग्लादेश सरकार ने बचाया

जेल के अंदर से चला रहा था गिरोह

नीनियो गुरेरो जेल के अंदर रहते हुए भी 'ट्रेन डी अरागुआ' गिरोह को चला रहा था। यह गिरोह लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े और खूंखार अपराधी संगठनों में से एक है, जो हत्या, ड्रग्स, जबरन वसूली और मानव तस्करी जैसे अपराध करता है। 

कैसे फैला गैंग का कारोबार?

वेनेजुएला की आर्थिक संकट की वजह से लाखों लोगों ने पलायन किया था। गैंग के लिए यह आपदा, अवसर बनकर आई। गिरोह ने अपनी पहचान कई देशों तक बढ़ा ली। अमेरिका में भी इस गैंग के गुर्गे थे। 2023 में जब वेनेजुएला सरकार ने जेल पर कब्जा वापस लेने की कोशिश की, तब नीना गुरेरो जेल से भाग निकला। 

यह भी पढ़ें: 'मिडटर्म चुनाव की चिंता नहीं है', ईरान पर US के हमले के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप

रिसॉर्ट जैसे जेल में रहता था नीनियो गुरेरो

कहा जाता है कि उसकी जेल लगभग रिसॉर्ट जैसी थी। जेल के भीतर स्विमिंग पूल, नाइट क्लब, रेस्टोरेंट और चिड़ियाघर भी था। ट्रंप प्रशासन ने दिसंबर 2025 में उसे आतंकवाद, ड्रग तस्करी और अपराधी साजिश के आरोप में अमेरिकी अदालत में चालान किया था और उसके सिर पर 5 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। 

कैसे मारा गया कुख्यात आतकी?

राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने एक सटीक सैन्य हमला कर उसे मार गिराया। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला सरकार के साथ मिलकर की गई और अब ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों को वेनेजुएला या कहीं और सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी। ट्रंप ने इसे उन अमेरिकी नागरिकों के लिए न्याय बताया जिनकी हत्या इस गिरोह ने की थी।  

Related Topic:#Donald Trump

और पढ़ें