ब्रिटेन और फ्रांस के एक संयुक्त ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के हथियार भंडारों पर बम बरसाए गए हैं। दोनों देशों ने ISIS के खिलाफ एयरस्ट्राइक लॉन्च किया है। दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के एक कुछ भूमिगत ठिकानों पर संयुक्त हमला किया है। यह हमला शनिवार शाम को किया गया है।|
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यह ठिकाना सीरिया के पलमीरा शहर के पास पहाड़ी इलाके में था। यहां आईएस आतंकी हथियार और विस्फोटक रखते थे। हमले में ठिकाने के सुरंगों को निशाना बनाया गया है। स्ट्राइक के बाद लड़ाकू विमान सुरक्षित लौट गए। कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
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सीरिया को कितना नुकसान पहुंचा?
ब्रिटेन ने टाइफून एफजीआर4 और कई लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है। फ्रांस के लड़ाकू विमान भी इस मिशन का हिस्सा रहे। यह एयरस्ट्राइक सफल रही है। इस इलाके में कोई नागरिक नहीं रहते, इसलिए आम लोगों को कोई खतरा नहीं पहुंचा है। सभी विमान सुरक्षित वापस लौट आए।
ब्रिटेन और फ्रांस ने एयरस्ट्राइक क्यों की?
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। ISIS एक बार फिर सीरिया में पांव पसार रहा है, जिसकी वजह से यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने सेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ की, जो खतरनाक आतंकवादियों को खत्म करने में लगे हैं। पश्चिमी देश अब सीरिया की निगरानी में जुटे हैं।
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ISIS क्या है?
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया, एक इस्लामिक आतंकी संगठन है। यह संगठन जिहाद के नाम कई देशों सक्रिय है। यह अल-कायदा इन इराक से निकला था, साल 2014 में अबू बक्र अल-बगदादी ने खुद को खलीफा घोषित कर वैश्विक खिलाफत की स्थापना की थी। ISIS का मकसद मुस्लिम खलीफाओं के क्षेत्रों पर कब्जा कर सख्त शरिया कानून लागू करना है।
ISIS एक सुन्नी इस्लामिक संगठन है। पूरी दुनिया में इस्लाम का राज कायम करना इस संगठन का मकसद है। यह संगठन, गैर मुस्लिम, शिया मुस्लिमों और दूसरे समुदायो को काफिर मानकर हिंसा करता है। 2019 तक ISIS की पकड इराक और सीरिया में क्षेत्र खो दिया, लेकिन अफ्रीका व अन्य जगहों पर सहयोगी सक्रिय हैं।