पाकिस्तान के कराची शहर के ल्यारी में एक बार फिर गैंगवार शुरू हो गया है। ल्यारी में कुख्यात गैंगस्टर उजैर बालोच के भाई जुबैर बालोच को दो अज्ञात हमलावरों ने मोटरसाइकिल से आकर गोली मार दी। जुबैर अपने सिंगू लेन वाले घर के बाहर बैठे हुआ था, तभी हमला हुआ। उसकी उम्र 40 साल है।
जुबैर, घर के बाहर था, तभी मास्क लगाए हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उन्होंने उस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली जुबैर के सीने और पेट में लगी। गंभीर रूप से घायल जुबैर को तुरंत सिविल अस्पताल कराची ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी की।
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अंतिम सांसें गिन रहा है जुबैर?
जुबैर बलोच हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। इस गोलीबारी में दो आम राहगीर भी घायल हो गए, उनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावर जब भाग रहे थे, तभी पास की एक दुकान के मालिक ने जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद वे ओझल हो गए।
किसने की हत्या की कोशश?
घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सड़क पर अचानक हुई गोलीबारी और लोगों के भागने का नजर साफ झलक रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
कराची पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हमला निजी दुश्मनी की वजह से हुआ है या पुराने गैंगवार के चलते। पुलिस ने कहा कि दोनों संभावनाओं पर गहराई से छानबीन की जा रही है।
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जुबैर बलोच कौन है?
जुबैर बालोच साल 2012 में कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ था। वह पिछले साल जेल से रिहा हुआ था। उसका बड़ा भाई उजैर बालोच अभी भी जेल में बंद है। उजैर बलोच को 2012 में पुलिस अधिकारियों पर हमले के मामले में मिलिट्री कोर्ट ने 12 साल की सजा सुनाई थी। बाद में 2020 में उसे जासूसी के आरोप में भी सजा मिली।
ल्यारी क्या है?
ल्यारी इलाका कई दशकों से ड्रग तस्करी, वसूली और गैंग वॉर का बड़ा केंद्र रहा है। यहां रहमान डकैत के नाम से बदनाम सरदार अब्दुल रहमान बालोच और उनके प्रतिद्वंद्वी अरशद पप्पू जैसे गैंगस्टरों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था।
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फिर से ल्यारी में हो रहा गैंगवार?
रहमान डकैत की 2009 में पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। उसके चचेरे भाई उजैर बालोच ने उनके गुट की कमान संभाली। इस इलाके में राजनीतिक दलों का भी कथित तौर पर संरक्षण मिलता रहा। यहां अपराध और राजनीति का गहरा गठजोड़ बना। पुलिस ज़ुबैर बालोच पर हुए हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। ल्यारी में एक बार फिर तनाव है।