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चीनी सेना में गड़बड़ी! जिनपिंग ने टॉप जनरल को हटाया; भारत से क्या है कनेक्शन?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी मिलिट्री से दो सीनियर सेना के अधिकारियों को अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के शक में हटा दिया है। जानिए इसकी वजह क्या है?

China military officer

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

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चीन ने शुक्रवार को अपनी सबसे बड़ी मिलिट्री कमांड बॉडी स्टेट सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से दो सीनियर सेना के अधिकारियों को अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के शक में हटा दिया। चीनी सरकार ने इन्हें हटाने से पहले हाई लेवल जांच करवाई थी। यह कदम चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भ्रष्टाचार विरोधी बड़ी कार्रवाई में सबसे नई घटना है। दरअसल, 2012 में सत्ता में आने के बाद से शी ने सेना, कम्युनिस्ट पार्टी, सरकार और सरकारी कंपनियों के सीनियर अधिकारियों को लगातार टारगेट किया है।

 

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से बताया गया है कि सेना से हटाए गए अधिकारी झांग यूशिया और लियू झेनली हैं। इन दोनों अधिकारियों को हटाने के बाद सात सदस्यों वाले स्टेट सेंट्रल मिलिट्री में सिर्फ दो एक्टिव सदस्य बचे हैं। इसमें एक खुद शी जिनपिंग हैं।

 

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एलीट पोलित ब्यूरो के सदस्य थे झांग

झांग यूशिया सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस-चेयरमैन के तौर पर शी जिनपिंग के नीचे सेकंड-इन-कमांड थे। साथ ही वह चीन के एलीट पोलित ब्यूरो के सदस्य थे। जबकि लियू झेनली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सदस्य और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ थे।

भ्रष्टाचार पर हो रही कार्रवाई

साल 2012 में शी जिनपिंग के आदेश पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में मुख्य टारगेट में से चीनी सेना रही है। पिछले महीने, शी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सीनियर नेताओं से सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने की अपील की थी। ​​सालों से चल रहे इस अभियान में कई सीनियर अधिकारियों और टॉप जनरलों की जांच हुई, उन्हें हटाया गया है।

 

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सामानांतर संरचनाएं हैं, लेकिन वे एक ही इकाई के तौर पर काम करते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को जारी डेप्युटी की अपडेटेड लिस्ट से झांग और लियू के नाम हटा दिए गए हैं।

 

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गलवान से क्या है कनेक्शन?

इसके अलावा, चीन की टॉप पॉलिटिकल एडवाइजरी बॉडी ने बुधवार को वेस्टर्न थिएटर कमांड के पूर्व कमांडर झाओ जोंगकी की सदस्यता छीन ली। झाओ को चीन-वियतनाम युद्ध में लड़ाई का अनुभव है और उन्होंने 2020 में चीन-भारत बॉर्डर पर हुए गलवान झगड़ों को संभाला था।

 

वेस्टर्न थिएटर कमांड तिब्बत और शिनजियांग में और भारत के साथ चीन के ज्यादातर बॉर्डर पर चीनी मिलिट्री ऑपरेशन को कंट्रोल करता है। झाओ ने 2017 के डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प के दौरान चीनी आर्मी के वेस्टर्न थिएटर कमांड को हेड किया था। बाद में यह बताया गया कि झाओ ने गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी।

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