आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख सुविधाओं और काम के पीछे इतने पागल हो गए हैं कि अपने शरीर में होने वाले छोटे बदलावों और अपनी आदतों पर गौर करना ही छोड़ दिया है। ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त रहती हैं कि उन्हें अपनी सेहत का ख्याल ही नहीं रहता और इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कैंसर जैसी बीमारियां शरीर में घर कर लेती हैं।
हाल के कुछ वर्षों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं और इसका सबसे बड़ा कारण हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली और खान-पान में आए बदलाव हैं। हम अनजाने में रोज ऐसी कई चीजें करते हैं जो हमारे शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती हैं और धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाओं को पनपने में मदद करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हम अपनी छोटी-छोटी आदतों को सुधार लें और कुछ हानिकारक चीजों से दूरी बना लें तो इस जानलेवा बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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1.प्लास्टिक के बर्तनों में खाना-पीना
आजकल हर घर की रसोई में प्लास्टिक के डिब्बों का बोलबाला है और हम अक्सर इनमें गर्म खाना रखते हैं या प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीते हैं। जब गर्म भोजन प्लास्टिक के संपर्क में आता है तो उसमें से बीपीए जैसे खतरनाक रसायन निकलकर हमारे खाने में मिल जाते हैं। ये रसायन हमारे शरीर के प्राकृतिक हार्मोन्स को पूरी तरह असंतुलित कर देते हैं जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सेहतमंद रहने के लिए कांच या मिट्टी और स्टील के बर्तनों का अधिक उपयोग करना चाहिए।

2.प्रोसेस्ड फूड ज्यादा चीनी का सेवन
बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद खाने और रेडी-टू-ईट भोजन में बहुत ज्यादा प्रिजर्वेटिव्स और नमक का इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक और मीठी चीजों का अधिक सेवन शरीर में इंसुलिन के स्तर को बहुत बढ़ा देता है। यह बढ़ा हुआ इंसुलिन शरीर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर सेल्स को तेजी से बढ़ने के लिए जलाने का काम करता है। घर का बना ताजा खाना और ताजे फल ही शरीर को इस खतरे से बचा सकते हैं।
3. एक्सरसाइज की कमी और बढ़ता वजन
घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और बिल्कुल भी पैदल न चलना शरीर में चर्बी को तेजी से जमा करता है। शरीर में मौजूद यह अतिरिक्त चर्बी एस्ट्रोजन नाम के हार्मोन को बहुत ज्यादा पैदा करने लगती है जो सीधे तौर पर स्तन के टिश्यू को प्रभावित करता है। जिन महिलाओं का वजन अचानक तेज़ी से बढ़ता है उनमें कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। रोजाना कम से कम आधा घंटा पसीना बहाने वाली एक्सरसाइज या तेज चलना इस जोखिम को कम करने में बहुत कारगर है।

4. रात को मोबाइल का इस्तेमाल
रात के समय देर तक जागना और मोबाइल की नीली रोशनी के संपर्क में रहना शरीर के नेचुरल क्लॉक को खराब कर देता है। हमारे शरीर में अंधेरे के समय मेलाटोनिन नाम का एक खास हार्मोन बनता है जो कैंसर से लड़ने की ताकत देता है। मोबाइल की आर्टिफिशियल रोशनी इस हार्मेन को बनने से रोक देती है जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। हर रात कम से कम सात से आठ घंटे की गहरी और शांत नींद लेना बेहद जरूरी है।
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5. शरीर की खुद से जांच करने में आलस करना
ब्रेस्ट कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि लोग शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते और डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। महीने में एक बार खुद से शरीर की जांच करना और किसी भी तरह की गांठ या असामान्य सूजन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। यदि समय रहते किसी भी छोटे बदलाव को पकड़ लिया जाए तो सही डॉक्टरी सलाह और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।