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आंखों में जलन-खुजली है ड्राई आई का संकेत, जानिए कारण और बचाव के तरीके

सर्दी के मौसम में आंखों में सूखेपन की समस्या बढ़ जाती है। आइए जानते हैं इस मौसम में ड्राइनेस का मुख्य कारण क्या है?

dry eye

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

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दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में शीतलहर चल रही है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जता है। ठंडी हवाएं सिर्फ आपकी सेहत के लिए ही नहीं आंखों के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। इस समय अस्पतालों में भी ड्राई आई की समस्याओं से पीड़ित मरीज ज्यादा आते हैं। आइए जानते हैं कि सर्दियों में इस समस्या से कैसे बच सकते हैं।

 

सर्दियों में हवा में नमी कम होती है जिसके कारण आंखें जल्दी सूखती हैं जिससे जलन, रेडनेस और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा पिंक आई इंफेक्शन भी कॉमन हैं। ये संक्रमण बैक्टीरिया और वायरस से फैलते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को सर्दियों में एलर्जी की वजह से खुजली और जलन की समस्या होती है।

 

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ड्राई आई के लक्षण

  • आंखों में रेडनेस
  • आंखों में जलन और खुजली
  • आंखों में चुभन जैसा महसूस होना
  • आंखों में भारीपन और दर्द
  • धुंधला नजर आना
  • कॉन्टेक्ट लेंस पहनने में दिक्कत होना

आंखों में सूखेपन को बढ़ा सकती हैं ये आदतें

यूवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा न पहनना

 

लोगों को लगता है कि सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होती है तो यूवी प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं है। आप इस तरह की गलती न करें। ठंड में बर्फ, धुंध की वजह से आंखों की रोशनी ज्यादा रिफ्लेक्ट करते हैं जिसके कारण आंखों पर दोगुना असर पड़ता है।

 

आंखों को रगड़ना

 

कुछ लोगों की आदत होती है कि अपनी आंखों को बार-बार हाथों से रगड़ते रहते हैं। ऐसे करने से हाथ में लगे बैक्टीरिया और वायरस आंखों में पहुंचकर कंजंक्टिवाइटिस के खतरे को बढ़ा देता है।

 

मुंह के पास हीटर रखना

 

कई लोग हीटर और ब्लोअर को अपने मुंह के पास रखते हैं। हीटर में से निकलने वाली गर्म हवा आंखों में आंसू बनाने वाली झिल्ली को सूखा देता है जिससे ड्राई आई होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

लंबे समय तक स्क्रीन देखना

 

हम अपना ज्यादातर काम फोन और लैपटॉप पर करते हैं जिस वजह से हमारा स्क्रीन टाइम ज्यादा होता है। सर्दियों में ये समय और ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि हम कही बाहर जाते नहीं है। 

 

पानी कम पीना

 

सर्दियों में ज्यादातर लोग कम पानी पीते हैं जिसकी वजह से ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है। आपको दिन भर में 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या होती है।

 

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आंखों को कैसे बचा सकते हैं?

  • लैपटॉप पर काम करते समय चश्मा जरूर लगाएं। इसके अलावा जब आप बाहर निकलते हैं तो सनग्लासेस पहनें ताकि सूरज से निकलने वाली हानिकारक यूवी किरणों से बचेंगे।
  • हीटर या ब्लोअर को खुद से दूर रखें। इसके अलावा घर में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें ताकि हवा में नमी बने रहे।
  • लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स यूज करें- आंखों में नमी को बनाए रखने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्राप्स का इस्तेमाल करें।
  • 20 20 20 नियम अपनाएं- आंखों को आराम के लिए हर 20 मिनट बाद, 20 सेकंड, 20 फीट दूर की किसी चीज को देखें। इससे आपकी आंखों को ब्रेक मिलेगा।
  • हाथ साफ रखें- हाथ गंदे होने की वजह से आंखों में बैक्टीरिया या वायरस पहुंच सकते हैं। सर्दियों में यह संक्रमण और ज्यादा बढ़ जाता है। आंखों को सुरक्षित रखने के बार-बार साबुन से हाथ धोएं।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पानी पिएं- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए रोजाना 7 से 8 ग्लास पानी पिएं। पानी के साथ हर्बल टी, नारियल पानी का सेवन करें।
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