हमारे खान-पान और सेडेंटरी लाइफस्टाइल का असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर से हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं इसलिए जरूरी है कि शरीर को स्वस्थ रखें। हार्ट को मजबूत और स्वस्थ रखने में पोटैशियम अहम भूमिका निभाता है। यह एक जरूरी मिनरल है।
पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह आपके मांसपेशियों को चलने, आपकी नसों को काम करने और आपके किडनी से ब्लड को फिल्टर करने में मदद करता है।
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हार्ट के लिए क्यों जरूरी है पोटैशियम?
पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। साथ ही दिल की धड़कनों को नियमित रखता और दिल को हेल्दी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में पोटैशियम की मात्रा को बनाए रखने के लिए फल और सब्जियों का सेवन करें।
कोलेस्ट्रॉल को कम करता है- पोटैशियम वाली चीजों के सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होने से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
दिल की धड़कनों को नियमित रखता है- पोटैशियम हार्ट बीट को स्वस्थ रखने का काम करता है। अगर आपको लय (Rhythm) की समस्या हो तो पोटैशियम महत्वपूर्ण भूमिका निभा
सकते हैं लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी तरह डाइट न लें।

पोटैशियम के स्त्रोत
केला
आलू
टमाटार
एवाकाडो
केला, संतरा और स्ट्रॉबेरी
पालक
बीन्स और मटर
किशमिश, खजूर
पोटैशियम की कमी से होने वाली दिक्कत
- अनियमित दिल की धड़कन
- मांसपेशियों की कमजोरी और क्रैम्प्स
- हाई ब्लड प्रेशर
- थकान और कमजोरी
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क्या कहती है रिसर्च?
National library of Medicine की रिपोर्ट के मुताबिक पोटैशियम की मात्रा बढ़ाने से धमनियों का सख्त होना रोकने में मदद मिल सकती है जिससे दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। जब धमनियों के अंदर चर्बी, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और दूसरी चीज जमकर प्लाक बना देती हैं जिसकी वजह से खून का बहाव कम हो जाता है। धमनियां सख्त और संकरी हो जाती है।
क्या पोटैशियम सबके लिए सुरक्षित है?
अधिकतर लोगों के लिए खाने से मिलने वाला पोटैशियम सुरक्षित होता है और हेल्दी डाइट का हिस्सा है। हालांकि पोटैशियम सबके लिए सही नहीं होता। उन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है जिन्हें किडनी की समस्या है। इसके अलावा कुछ दवाइयों को लेने से भी पोटैशियम का लेवल बढ़ सकता है।