logo

ट्रेंडिंग:

घबराहट भगाने के लिए खाई जाने वाली मिठाई, क्यों बढ़ाती है परेशानी?

चीनी खाने से शरीर मे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने के साथ घटता भी है। इससे एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं। इसे बार-बार दोहराने से घबराहट के लक्षण और अधिक गंभीर बन जाते हैं।

Representative Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

जब भी हमें घबराहट या तनाव महसूस होता है, हमारा दिमाग तुरंत आराम पाने की कोशिश करता है। ऐसे समय में दिमाग डोपामाइन नाम के 'फील गुड हार्मोन' की तलाश करता है, जो हमें अच्छा महसूस कराता है। जब हम चीनी या मीठी चीजें खाते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन का लेवल अचानक बढ़ जाता है। इससे हमें कुछ समय के लिए सुकून और खुशी का एहसास होता है। इसी वजह से लोग अक्सर अनजाने में घबराहट या तनाव कम करने के लिए मीठी चीजों की ओर आकर्षित हो जाते हैं।

 

हालांकि, यह राहत बहुत कम समय के लिए होती है। जैसे ही शुगर लेवल गिरता है, शरीर इसे संकट का संकेत मानता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स को सक्रिय कर देता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होना, कंपकंपी और चिड़चिड़ापन शुरू हो जाता है। यह शारीरिक प्रतिक्रिया बिल्कुल वैसी ही होती है जैसी एक पैनिक अटैक के दौरान महसूस होती है।

 

यह भी पढ़ें: लोगों के लिए फ्री है ट्यूलिप फेस्टिवल में एंट्री, दिल्ली में कहां देख सकते हैं?

क्यों बढ़ जाती है परेशानी?

चीनी खाने के बाद शुगर लेवल में आने वाला 'स्पाइक' और फिर अचानक 'क्रैश' शरीर को तनाव की स्थिति में डाल देता है। ज्यादा मीठा शरीर में सूजन को बढ़ावा देता है, जिसका सीधा असर मेंटल हेल्थ और मूड स्विंग्स पर पड़ता है। शुगर के इस उतार-चढ़ाव से चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है। 

 

ज्यादा शुगर से नींद की क्वालिटी भी खराब होती है। कम नींद लेना घबराहट और बेचैनी को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है। मीठी चीजों में पोषक तत्व नहीं होते। जब शरीर में विटामिन्स जैसे मैग्नीशियम और विटामिन B12 की कमी होती है, तो दिमाग स्ट्रेस को झेलने में असमर्थ हो जाता है।

घबराहट कम करने के ऑप्शन

अगर आपको बार-बार घबराहट या बेचैनी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में आपको तुरंत किसी डॉक्टर से मिलकर सही सलाह और इलाज शुरू करना चाहिए। एंजायटी कई कारणों से हो सकती है। कभी-कभी यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी की वजह से होती है, तो कभी किसी अंग में समस्या के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए इसका सही कारण जानना जरूरी है।

 

जब भी आपको घबराहट महसूस हो, तो तुरंत मीठी चीजें खाने की बजाय बेहतर विकल्प अपनाएं। आप हर्बल या ग्रीन टी पी सकते हैं। इसके अलावा बादाम, अखरोट, ओट्स, दलिया, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे हल्के और सेहतमंद विकल्प भी ले सकते हैं। सही खान-पान और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को संभाला जा सकता है।

 

यह भी पढ़ें: सिर्फ तीखेपन के लिए नहीं होती मिर्च, कितने फायदे हैं जान लीजिए

 

हाल ही में जर्नल ऑफ ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा मीठा खाते हैं, उनमें चिंता और घबराहट की समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसका मतलब यह है कि हमारा खान-पान सीधे तौर पर हमारे दिमाग और मानसिक सेहत को प्रभावित करता है।

 

अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा चीनी खाने से सिर्फ मोटापा या शुगर जैसी बीमारियां होती हैं लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। ज्यादा मीठा खाने से मानसिक परेशानी, जैसे एंजायटी, भी बढ़ सकती है। इसलिए बढ़ती चिंता को कम करने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसके साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल और खाने की आदतों में बदलाव करना भी बहुत जरूरी है।

Related Topic:#Lifestyle News

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap