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सुबह होती है पेट में सूजन और ब्लोटिंग, कहीं खराब सेहत का अलार्म तो नहीं?

सुबह की सूजन और दिनभर की ब्लोटिंग खराब लाइफस्टाइल या डायजेशन संबंधी समस्याओं का लक्षण हो सकती है, जिसे समय पर न सुधारने पर यह गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का रूप ले सकती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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अक्सर लोग सुबह उठते ही चेहरे या हाथों-पैरों में हल्की सूजन और पेट में भारीपन महसूस करते हैं। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में फ्लुइड रिटेंशन होने लगता है या रात का खाना सही ढंग से पच नहीं पाता। अगर यह समस्या केवल सुबह तक सीमित न रहकर पूरे दिन आपको परेशान करती है तो इसका मतलब है कि आपका मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ चुका है। साथ ही आपका शरीर टॉक्सिंस को बाहर निकालने में असमर्थ है।

 

लगातार ब्लोटिंग का बने रहना केवल 'गैस' की समस्या नहीं है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे आपकी डाइट में अत्यधिक सोडियम, फाइबर की कमी या किसी खास खाने की चीज से आपको एलर्जी हो। यदि इसके साथ पेट में दर्द, कब्ज या एसिडिटी जैसे लक्षण भी जुड़े हैं, तो इसे नजरअंदाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

 

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समस्या कितनी खतरनाक हो सकती है?

ब्लोटिंग आमतौर पर सामान्य लगती है लेकिन लंबे समय तक इसे अनदेखा करने पर यह कई और समस्याएं पैदा कर सकती है। जैसे- 

  • IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम): यह आंतों की एक पुरानी स्थिति है जिसमें ब्लोटिंग मुख्य लक्षण होता है।
  • लीवर या किडनी की समस्या: शरीर में अत्यधिक सूजन लीवर सिरोसिस या किडनी फंक्शन में कमी का संकेत हो सकती है।
  • आंतों में सूजन: बार-बार पेट फूलना आंतों में घाव या इन्फ्लेमेशन का कारण बन सकता है।
  • हार्मोनल असंतुलन: महिलाओं में यह थायराइड या पीसीओडी (PCOD) जैसी समस्याओं का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

ब्लोटिंग और सूजन के मुख्य कारण

  • देर रात भारी भोजन: रात में भारी भोजन करने से आपकी डायजेशन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  • पानी की कमी: डिहाइड्रेशन के कारण शरीर पानी को 'होल्ड' करने लगता है जिससे सूजन आती है।
  • नमक का अधिक सेवन: डिनर में ज्यादा नमक वॉटर रिटेंशन का सबसे बड़ा कारण है।
  • शारीरिक गतिविधि की कमी: लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी में कमी आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है।

बचाव के उपाय

  • सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खा लें।
  • दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। साथ ही ऐसी चीजों का सेवन करें जिससे पानी की मात्रा को आपके शरीर में बैंलेस किया जा सके।  
  • प्रोबायोटिक्स जैसे दही या छाछ को डाइट में शामिल करें।
  • नियमित रूप से 20-30 मिनट पैदल चलें या एक्सरसाइज करें।

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