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क्या घंटों ऑफिस में बैठने से मां बनना मुश्किल हो सकता है? डॉक्टर ने बताया

क्या आप जानते हैं घंटों एक जगह बैठकर काम करने से प्रजनन तंत्रिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

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आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी, अनियमित खान-पान, व्यायाम नहीं करना और ऑफिस में एक ही जगह पर घंटों बैठकर काम करने की आदत हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम सभी जानते हैं कि इस वजह से कार्डियक अरेस्ट, डायबिटीज, फैटी लिवर समेत अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

 

क्या आप जानते हैं ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने से फर्टिलिटी पर भी प्रभाव पड़ता है? हमने इस बारे में बेंगलुरु के सीएमआई अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर एन सपना लूला से बात की।

 

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क्या घंटों ऑफिस में बैठने से मां बनने का सपना टूट सकता है?

 

डॉक्टर सपना ने बताया कि ऑफिस में लंबे समय तक बैठना सीधे तौर पर किसी महिला के मां बनने से नहीं रोकता है लेकिन अगर इसे सही से मैनेज न किया जाए तो यह सेहत पर प्रभाव डालता है। लगातार बैठे रहने से शरीर में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है जिसकी वजह से वजन बढ़ सकता है। इसकी वजह से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है।

 

अधिक तनाव और गलत पॉश्चर में लंबे समय तक बैठने से पीरियड साइकिल पर प्रभाव पड़ता है। सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण पीसीओएस (PCOS), इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है जिसकी वजह से फर्टिलिटी का खतरा बढ़ जाता है। आप फर्टिलिटी के खतरे को कम करने के लिए छोटी-छोटी आदतों को अपना सकते हैं जैसे कि काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें, हेल्दी डाइट लें और तनाव को कम करने के लिए योग करें।

 

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क्या शिफ्ट टाइमिंग का प्रभाव पड़ता है?

 

हां, शिफ्ट टाइमिंग का प्रभाव महिलाओं के स्वास्थ्य और उनकी फर्टिलिटी पर पड़ता है। खासतौर से नाइट शिफ्ट आपके शरीर की प्राकृतिक घड़ी को बिगाड़ देती है जिससे हार्मोनल का बैलेंस असंतुलित हो जाता है। ये आपके ओव्यूलेशन और पीरियड्स पर भी प्रभाव डालता है। नींद पूरी न होना, गलत समय पर खाना, तनाव और वजन बढ़ना भी फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक शिफ्ट में काम करने से कुछ महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और प्रेग्नेंसी प्लान करने में दिक्कत होती है। हालांकि यह असर हर महिला पर एक जैसा नहीं होता है। लंबे समय तक तनाव की वजह से अंडों की क्वॉलिटी पर भी प्रभाव पड़ता है।

 

शिफ्ट टाइमिंग सिर्फ महिलाओं ही नहीं पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में नींद की कमी से टेस्टोस्टोरोन हार्मोन कम हो सकता है जो स्पर्म बनाने के लिए जरूरी होता है। इससे स्पर्म काउंट कम होना, स्पर्म की गति और गुणवत्ता खराब होने की समस्याएं हो सकती हैं।

 

महिलाओं को इससे बचने के लिए क्या करनी चाहिए?

 

ऑफिस जाने वाली महिलाएं कुछ आसान आदतों को अपनाकर फर्टिलिटी को सुरक्षित रख सकती हैं।

  • हर घंटे में थोड़ा चले, हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग करें।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
  • समय पर संतुलित और पौष्टिक खाना खाएं।
  • रोजाना 2 से 3 लिटर पानी पिएं
  • अच्छी और पूरी नींद लें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
  • धूम्रपान से बचें, शराब और जंक फूड कम खाएं।
  • नियमित हेल्थ चेक-अप कराए।
  • रेगुलर हेल्थ चेकअप कराए।
  • पीरियड्स में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें।
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