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तनाव को कम करने में मदद करता है तुलसी, स्टडी में खुलासा

हम सभी जानते हैं कि तुलसी एक औषधीय पौधा है। कई लोग इसका सेवन करते हैं। हाल ही में शोध हुआ है जिसमें बताया गया है कि तुलसी का एक्सट्रेक्ट तनाव को कम करने में मदद करता है।

Tulsi reduce Cortisol

तुलसी (Photo Credit: Freepik)

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हम सभी के घर पर तुलसी का पौधा होता है। सदियों से आयुर्वेद में इसके औषधीय गुणों का जिक्र किया गया। कई लोग खाली पेट इसका सेवन करते है। तुलसी के पत्तों का सेवन करने से बीमारियां दूर रहती हैं। हाल ही में तुलसी पर शोध किया गया जिसमें बताया गया कि यह पौधा शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद करता है। कार्टिसोल को आमतौर पर स्ट्रेस हार्मोन कहा जाता है। यह स्टडी National Library Of Medicine में पब्लिश हुई है।

 

हालांकि इस दावे को आयुर्वेद में सदियों से माना गया है अब विज्ञान ने भी इस बात को साबित कर दिया है। शोध में पता चला कि तुलसी शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को लगभग 36% तक कम कर देता है। 

 

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क्या होता है कोर्टिसोल और क्यों जरूरी है?

हमारे शरीर में यह हार्मोन स्ट्रेस (तनाव) के समय रिलीज होता है। यह हार्मोन चुनौतियों से निपटने में मदद करता है लेकिन अगर कोर्टिसोल लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में बन रहा है तो यह चिंता, थकान, कमजोरी और खराब नींद का कारण बन सकता है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को प्राकृतिक तरीकों से कम रखना जरूरी है। 

 

 

इस अध्ययन में 18 से 65 साल की उम्र के 100 वयस्कों को शामिल किया गया। अध्ययन में शामिल लोगों को 8 हफ्तों तक कुछ लोगों को प्लेसिबो (नकली दवा) और कुछ को तुलसी का एक्सट्रैक्ट (125 मिलीग्राम) दिन में दो बार दिया गया। शोधकर्ताओं ने कोर्टिसोल के स्तर को नापने के लिए बाल और लार की जांच की। उनका उद्देश्य यह जानना था कि यह जड़ी बूटी तनाव पर प्रतिक्रिया को कैसे प्रभावित करती है। इस स्टडी की खास बात है यह रही कि ना तो प्रतिभागियों को और ना ही शोधकर्ताओं को यह पता था कि किसे असली दवा मिल रही है और किसे नकली? ताकि नतीजे निष्पक्ष हो। 

 

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स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने तुलसी का एक्सट्रेक्ट लिया था। उनके बालों में कोर्टिसोल का लेवल 36% की कमी देखी गई। इसका मतलब है कि लॉन्ग टर्म में स्ट्रेस लेवल कम हुआ है। शोधकर्ताओं ने लार में मौजूद कोर्टिसोल के स्तर को कम पाया है। तनाव की स्थिति के बाद ब्लड प्रेशर भी कम रहा। साथ ही नींद में भी सुधार देखने को मिला। एथेंस इनसोमनिया स्केल में पाया गया कि लोगों की नींद बेहतर हुई है और इस डेटा को स्लीप ट्रैकर्स ने भी सही साबित किया है।

 

आज के समय में हर व्यक्ति छोटी-छोटी बातों का स्ट्रेस ले रहा है। ऐसे में स्ट्रेस बस्टर चीज को ढूंढना बेहद जरूरी है। तनाव शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य पर असर डालता है। यहीं पर तुलसी मददगार साबित होती है। यह एक ऐसी जड़ी बूटी है जो हर भारतीय घर में मिलती है। अगर आप इसे इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं तो पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूरी लें।

 

 


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