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सुबह उठते ही जमीन पर नंगे पैर न रखें कदम, सेहत बिगड़ सकती है

सुबह उठते ही सीधे जमीन पर पैर रखने से बचना चाहिए क्योंकि रातभर सोते समय पैर गर्म हो जाते हैं और ठंडी जमीन पर अचानक रखने से हेल्थ को नुकसान हो सकता है। जानिए इतनी छोटी आदत कैसे आपके हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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सुबह नींद से उठने के बाद बिस्तर से उतरते समय पैरों को अचानक जमीन पर रखने से बचने की सलाह दी जाती है। दरअसल, पूरी रात सोने के दौरान पैरों के तलवों की मांसपेशियां और टिश्यू थोड़े सिकुड़ जाते हैं और उनका तापमान भी बढ़ा रहता है। ऐसे में अचानक खड़े होने पर शरीर का पूरा भार सीधे इन्हीं मांसपेशियों पर पड़ता है, जिससे एड़ी और तलवों में तेज दर्द या सूक्ष्म चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से इसका संबंध ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन और शरीर के तापमान के संतुलन से भी है।

 

सोते समय शरीर क्षैतिज अवस्था में रहता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सामान्य बना रहता है लेकिन जैसे ही हम अचानक उठकर खड़े होते हैं, ग्रेविटेशन के कारण खून तेजी से पैरों की ओर चला जाता है। इससे कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर में गिरावट आ सकती है और चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए सुबह उठते समय धीरे-धीरे बैठकर फिर खड़े होना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

 

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मुख्य नुकसान और कारण

'थर्मल शॉक' की स्थिति

 

जब आप सो रहे होते हैं, तो आपके शरीर का तापमान स्थिर और गर्म होता है। जैसे ही आप अचानक गर्म बिस्तर से निकलकर ठंडी जमीन पर पैर रखते हैं, शरीर के तापमान में अचानक बदलाव आता है। यह अचानक बदलाव शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकता है।

 

एड़ियों और जोड़ों में दर्द

 

रात भर आराम करने के बाद हमारे पैर की मांसपेशियां और नसें थोड़ी सिकुड़ी हुई होती हैं। अचानक सख्त और ठंडी जमीन पर पूरा भार देने से एड़ी की नसों पर खिंचाव पड़ता है। इससे सुबह के समय एड़ी में तेज दर्द या 'प्लांटर फैसीटिस' की समस्या हो सकती है।

 

एनर्जी की कमी

 

हमारे शरीर में एक उर्जा का संचालन होता है। नंगे पैर सीधे जमीन पर रखने से शरीर की वह गर्मी या एनर्जी सीधे जमीन से संपर्क में आकर उसमें ट्रांसफर हो जाती है, जिससे व्यक्ति को दिन भर थकान महसूस हो सकती है।

 

वात दोष का असंतुलन

 

 आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर के तलवों में कई प्वाइंट होते हैं। ठंडी जमीन के सीधे संपर्क में आने से शरीर में 'वात दोष' बढ़ जाता है। इससे जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न और शरीर में सुस्ती महसूस हो सकती है। सुबह-सुबह छींक आना या साइनस की समस्या भी इसी वजह से भड़क सकती है।

 

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बचने के लिए क्या करें?

  • बिस्तर के पास हमेशा आरामदायक चप्पल या सैंडल रखें। उठते ही सबसे पहले उन्हें पहनें।
  • जमीन पर पैर रखने से पहले बिस्तर पर बैठे-बैठे अपने पंजों और एड़ियों को थोड़ा घुमाएं ताकि ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाए।
  • अगर आप चप्पल नहीं पहनना चाहते, तो बिस्तर के किनारे एक छोटा कालीन या सूती पायदान बिछाएं।
  • आयुर्वेद के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि सुबह उठकर सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को रगड़कर चेहरे पर लगाएं और फिर धीरे से पैर जमीन पर रखें, इससे शरीर का तापमान बैलेंस होने में मदद मिलती है।
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