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'अध्यक्ष मैं नहीं आप सब बने हैं', चुनाव जीतने के बाद यश डबास ने क्या कहा?

DUSU चुनाव में ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय मीना को 2,053 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद जीता। जीत के बाद उन्होंने कहा कि अध्यक्ष मैं नहीं, आप सब बने हैं।

DUSU president Yash Dabas

डूसू प्रेसिडेंट यश डबास, Photo Credit: PTI

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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव (DUSU Election) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करते हुए NSUI के विजय मीना को पराजित किया। यश ने मीणा को 2053 वोटों के अंतर से हराया। यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले, जबकि मीणा का यश के मुकाबले में 22,523 वोट मिले। इस जीत के बाद यश डबास ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अध्यक्ष मैं नहीं आप सब बने हैं।

 

ABVP ने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष के अलावा सचिव और संयुक्त सचिव पद पर अपना पिछला प्रदर्शन बरकरार रखा। सचिव पद के लिए चुनाव में ABVP उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि NSUI उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के उम्मीदवार लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत हासिल की, जबकि समाजवादी छात्र सभा (SP) के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इस पद के लिये चुनाव में NSUI उम्मीदवार गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले और वह इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे।

 

यह भी पढ़ें: DUSU चुनाव: ABVP का दबदबा बरकरार, यश डबास बने अध्यक्ष; 3 सीटों पर कब्जा

चुनाव जीतने के बाद यश डबास ने क्या कहा?

चुनाव जीतने के बाद यश डबास ने छात्रों से कहा, 'आज अध्यक्ष मैं नहीं बल्कि आप सब बने हैं।' उन्होंने कहा की वह छात्रों के लिए साल के 365 दिन काम करेंगे। यश ने फिर से अपना वादा दोहराया कि आने वाले समय में छात्रों के लिए हॉस्टल दिलाना, लड़कियों की सुरक्षा, दिल्ली में पीजी में लिए जाने वाले किराए पर लगाम के लिए ऑडिट और राष्ट्रवाद की बात दोहराई। उन्होंने कहा, 'यह जीत सामाजिक सद्भाव, देशभक्ति और एकता की है।'

निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने किया कमाल

निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया। उन्होंने ABVP के इशु मौर्य और NSUI के वीर चतरथ को बड़े अंतर से हराया। NSUI ने शौकीन को टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। शौकीन दिल्ली के बौद्ध अध्ययन विभाग से एमए कर रहे हैं। वह पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में बस कंडक्टर हैं, जबकि उनकी मां आंगनवाड़ी शिक्षिका हैं।


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